डेंगू के मरीज बढ़ने के साथ बढ़ी बकरी के दूध की डिमांड

Updated Date: Wed, 21 Oct 2020 09:08 AM (IST)

- डेंगू के मामले बढ़ने पर बढ़ी बकरी के दूध की डिमांड

- डॉक्टर बोले बकरी के दूध से मरीज के फायदे की कोई साइंटिफिक स्टडी नहीं

- गाय या भैंस के दूध के मुकाबले बकरी के दूध में पौष्टिक तत्व ज्यादा

LUCKNOW: राजधानी में आजकल डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में लोग इलाज के साथ दूसरे उपाय भी अपना रहे हैं। यही वजह है कि शहर में बकरी के दूध की डिमांड काफी बढ़ गई है। वर्तमान में बकरी का दूध एक हजार रुपये प्रति लिटर तक बिक रहा है। वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि अभी तक इसको लेकर काई भी साइंटीफिक स्टडी सामने नहीं आई है। ऐसे में केवल डॉक्टर की सलाह से ही इलाज कराना चाहिए।

वर्तमान में काफी है डिमांड

बकरी पालने वाले रेहान हैदर बताते हैं कि उनके यहां कई बकरियां हैं। वैसे तो वह बकरी का दूध बेचते नहीं हैं, लेकिन आजकल लोग काफी संख्या में दूध की डिमांड कर रहे हैं। पूछने पर लोग बताते हैं कि डेंगू में फायदा करता है। अधिकतर जान-पहचान के लोग ही डिमांड करते हैं, लेकिन कम मात्रा में मिलने के कारण कमी रहती है। मो। हनीफ बताते हैं कि केवल मांग पर ही बकरी का दूध देते हैं। बकरी कम मात्रा में दूध देती है ऐसे में डिमांड बढ़ने से महंगा हो गया है। लोग 250 एमएल दूध का दो-तीन सौ रुपये तक देने को तैयार हो जाते हैं। कई इलाकों में तो लोग हजार रुपये से ज्यादा प्रति लिटर तक दूध बेच रहे हैं।

इसलिए बेहतर बकरी का दूध

पीजीआई की डायटीशियन डॉ। शिल्पी पांडे के मुताबिक बकरी के दूध में पाया जाने वाला प्रोटीन, गाय या भैंस के दूध में मौजूद प्रोटीन की तुलना में बेहद हल्का होता है। इसके अलावा यह गाय या भैंस के दूध के मुकाबले जल्द पचने में आसान होता है। बकरी के दूध में अन्य दूध के मुकाबले विटामिन बी6, बी12, विटामिन डी, फोलिक एसिड की मात्रा भरपूर होती है। इसके अलावा सिलेनियम की मात्रा भी अधिक होने से एंटी-ऑक्सीडेंट एन्जाइम बनने में मददगार है, जो ब्लड सेल को डैमेज होने से बचाता है। डेंगू होने पर सिलेनियम और प्लेटलेट्स कम होने की समस्या अधिक होती है।

कोई स्टडी अब तक नहीं आई सामने

नेशनल वेक्टर्न बार्न डीजीज कंट्रोल के नोडल इंचार्ज डॉ। केपी त्रिपाठी बताते हैं कि बकरी का दूध इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा अभी तक डेंगू और बकरी के दूध को लेकर कोई साइंटीफिक स्टडी सामने नहीं आई है। ऐसे में बुखार को नजरअंदाज न करें और तेज होने पर हॉस्पिटल में जाकर अपना इलाज कराएं। बकरी के दूध के पीछे बिना वजह भागने से बचें।

बकरी के दूध के फायदे एक नजर में

- राइबोप्लेविन नामक विटामिन शरीर को ताकत देता है

- अधिक कैल्शियम हडिड्यों के विघटन को कम करता

- अधिक कैल्शियम वसा के ऑक्सीकरण में सहायक

- अधिक पोटेशियम की मात्रा बीपी कम करने में सहायक

- वसा ग्लोब्यूल छोटे होने के कारण इसे पचाना आसान है

कोट

1. बकरी का दूध केवल इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। डेंगू के इलाज से इसका कोई सीधा कनेक्शन नहीं है। ऐसे में लक्षण होने पर पास के गवर्नमेंट हॉस्पिटल जाकर इलाज कराना चाहिए।

- डॉ। केपी त्रिपाठी, नोडल इंचार्ज नेशनल वेक्टर्न बार्न डीजिज कंट्रोल

2. बकरी के दूध में सिलेनियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो ब्लड सेल को डैमेज होने से बचाता है। साथ ही इसे पचाना भी आसान होता है।

- डॉ। शिल्पी पांडे, डायटीशियन पीजीआई

3. इधर कई लोग बकरी का दूध की मांग कर रहे हैं। केवल जान-पहचान के लोगों को ही दूध दे रहे हैं।

-रेहान हैदर

4. बकरी दूध कम मात्रा में देती है इसलिए यह महंगा बिकता है। लोग डेंगू के मरीज के लिए मांग कर ले जाते हैं।

- मो। हनीफ

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.