ये खबर नहीं पैगाम है

2019-06-24T06:00:56Z

RANCHI : पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वालों की तो संख्या बहुतायत में है लेकिन अगर कोई पानी बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दे तो फिर यह खबर नहीं एक पैगाम बन जाता है। ये महान शख्स हैं सिमोन उरांव। जी हां, इन्होंने अपने इस काम से न सिर्फ रांची में अलग पहचान बनाई है, बल्कि इस काम के लिए इन्होंने न दिन को दिन समझा और न रात को रात। यही वजह है कि इन्हें पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया। यही नहीं इनके जैसे कई और लोग भी हैं, जो खुद तो पानी बचा ही रहे हैं, अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। ये अपनी देखरेख में अन्य लोगो के घरों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी बनवा रहे हैं ताकि ग्राउंड वाटर रिचार्ज हो सके। ऐसे ही कुछ लोगों को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने पानी के प्रहरी की उपाधि दी है।

छह गांवों में खुदवाया तालाब, बनाया डैमसिमोन उरांव

रांची से 30 किलोमीटर दूर बेड़ो के रहने वाले सिमोन उरांव ने पर्यावरण के साथ ही जल संरक्षण के लिए भी अरसे तक काम किया। इन्होंने सबसे पहले अपनी जमीन पर ही कुंआ खोदा। उसके बाद अपने आसपास के लोगों को तालाब खोदने के लिए प्रेरित किया। 1955 से 1970 के बीच बांध बनाने का अभियान भी जोरशोर से चलाया। इनके साथ 500 लोग जुड़ गए। पांच हजार फीट नहर काटकर, 42 फीट ऊंचे बांध का निर्माण कर इन्होंने 50 एकड़ में सिंचाई की व्यवस्था की। जिससे बाद इन्होंने भी यह महसूस किया कि बांध बनाने से बहुत मदद मिल रही है। आज यहां साल भर में तीन फसलों का उत्पादन हो रहा है।

तीन दर्जन घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंगमनोज कुमार

रातू रोड ड्राइ जोन इलाका है। लेकिन साई विहार कॉलोनी में रहने वाले मनोज कुमार ने पानी बचाने की मुहिम छेड़ रखी है। उन्होंने अपने घर में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराया है। साथ ही उसमें देसी फिल्टर भी लगवा दिया है। जिससे कि रूफ टॉप से आने वाला एक बूंद भी पानी बर्बाद नहीं होता है और फिल्टर होकर सीधे बोरिंग में जाता है। इससे छत से आने वाले गंदे पानी को फिल्टर करने की भी जरूरत नहीं होती। इसके अलावा उन्होंने वाटर रिजरवायर भी बनाया है। जिसमें पानी भरने पर ओवरफ्लो होकर पार्क में चला जाता है। वहीं रिजरवायर से वह अपने आसपास के बाशिदों को भी पानी पिलाते हैं। अपने इलाके में इसी अभियान के तहत उन्होंने तीन दर्जन घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराकर पानी बचाने की पहल की है। उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही पानी बचाने के लिए वे लोगों को जागरूक भी करना जारी रखे हुए हैं।

घर का एक बूंद भी पानी नहीं होने देते बर्बादटीएन मिश्रा

हरमू में रहने वाले टीएन मिश्रा सरकारी नौकरी से रिटायर हो चुके हैं। लेकिन वाटर लेवल को लेकर उनकी जानकारी का कोई जोड़ नहीं है। यही वजह है कि पानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए उन्हें सरकार की ओर से आमंत्रित किया जाता है। आखिर वे घर से निकलने वाला एक बूंद पानी भी बर्बाद नहीं होने देते। इसके अलावा उन्होंने रेन वाटर को भी बचाने के लिए रिचार्ज पिट बना रखा है ताकि ग्राउंड वाटर लेवल मेंटेन रह सके। उन्होंने अपनी निगरानी में ही आसपास के दो दर्जन घरों में भी इसी व्यवस्था को लागू कराया है। अब घर का एक-एक बूंद पानी जमीन में जा रहा है। चाहे व किचन का पानी हो, बाथरूम का या फिर घर की सफाई का। वे कहते हैं कि ओडि़शा सरकार की तरह यहां भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराने में सब्सिडी दी जाए तो लोगों को राहत होगी।


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