-नेपाल सरकार का नया आदेश, फल और सब्जियों की डिलेवरी लैब टेस्टिंग के बाद होगी

-बार्डन पर वाहनों के खड़े होने से व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें

GORAKHPUR: नेपाल में बच्चों के बीच फैली बीमारी का असर गोरखपुर के बाजारों पर पड़ने लगा है. फल और हरी सब्जी की लैब टेस्टिंग के बाद ही नेपाल की सीमा में जाने की सख्ती के कारण बार्डर पर करीब सौ ट्रक खड़े हो गए हैं. इससे रोज करीब डेढ़ करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हो रहा है.

नेपाल सरकार के नए आदेश से भारत के सब्जी व फल कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नेपाल का कहना है कि केमिकल युक्त फल और सब्जियों के सेवन से हजारों बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. भारत-नेपाल की सोनौली बार्डर से प्रतिदिन छोटे-बड़े मालवाहक वाहनों से गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, कानपुर, महाराष्ट्र मध्यप्रदेश और कर्नाटक आदि जिलों से फल-सब्जी नेपाल भेजा जाता है. व्यापारियों का कहना हैं कि नेपाल सरकार के इस नियम से छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा. केमिकल जांच के लिए काठमांड़ू जाना पड़ेगा. इससे व्यापारियों के समय व धन दोनों का नुकसान होगा.

इन खाद्य पदार्थो का होता है एक्सपोर्ट

भारत से नेपाल ज्यादातर आम, सेब, लीची, मौसमी, संतरा, अंगूर, तरबूज जैसे फल और लौकी, परवल, हरा मिर्चा, टमाटर, बैंगन, आलू जैसे सब्जियों के सौ ट्रक जाते हैं. इसके अलावा बड़े पैमाने पर मछली भी भेजी जाती है. पहले गोरखपुर की थोक मंडी से खाद्य सामग्री भेजी जाती थी लेकिन अब नेपाल के व्यापारी सीधे बाहर से माल मंगवा लेते हैं. नेपाल में प्रतिदिन 10 बड़े ट्रकों से फल और 70 छोटी-बड़ी गाडि़यों से सब्जियों की सप्लाई होती है.

रिपोर्ट के लिए भादौड़

व्यापारियों का कहना है कि नेपाल सरकार की तरफ से जिस जांच रिपोर्ट की बात की जा रही है उसके लिए काठमांडू जाना पड़ेगा. छोटे किसान एक पिकअप सब्जी का भंसार सीमा शुल्क जमा कराने नहीं जा सकते. इसके लिए पास में जांच आफिस खाेला चाहिए.

बार्डर से माल लदा ट्रक वापस

नेपाल सरकारी की बैन की वजह से बार्डर से कच्चा माल लदा एक दर्जन ट्रक वापस कर दिए गए. इससे लेकर बार्डर पर अफरा-तफरी मच गई हैं.

ैक्ट फीगर

-भारत के अन्य प्रदेश से प्रतिदिन भेजे जाने वाले माल --1 करोड़

- भारत से नेपाल भेजी जाती है सब्जी प्रतिदिन--20 लाख

- फल का बिजनेस प्रतिदिन--05 लाख

- मछली का कारोबार प्रतिदिन--04-05 लाख

- प्रतिदिन नेपाल जाती है सब्जियां --100 क्विंटल

दो माह पहले लगा था मछलियों पर बैन

गोरखपुर फीस कमेटी के सचिव आसिफ ने बताया कि दो महीने पहले नेपाल सरकार मछलियों पर बैन लगा चुकी है. पश्चिम बंगाल में लैब टेस्ट के बाद मछलियां नेपाल भेजी जाती है. नेपाल बार्डर पर मछलियों के लैब टेस्ट की व्यवस्था नहीं है. बैन लगने से ज्यादातर ट्रके बार्डर पर खड़ी हो गई है.

लगाया जाता है झूठा आरोप

नेपाल सरकार की ओर से कच्चा माल पर रोक लगा दी गई हैं. हम पर झूठा इल्जाम लगाया जाता है कि केमिकल का इस्तेमाल कर फल-सब्जी भेजा जा रहा है. इसके अलावा पिछले दिनों माल लदी गाड़ी वापस होने से आसपास की मंडियों में माल को खपाना पड़ा. इससे भारी नुकसान उठाना पड़ा. ट्रांसपोर्टिग चार्ज के अलावा ज्यादातर माल खराब हो गए.

अवध गुप्ता, अध्यक्ष फल-सब्जी एसोसिएशन

भारत से नेपाल में पिछले कई साल से फल का कारोबार कर रहे हैं. बीच-बीच में नये नियम लागू होने के चलते बिक्री पर असर पड़ा है. चार रोज पहले नेपाल के एक व्यापारी से जानकारी मिली कि केमिकल युक्त आम और लीची खाने की वजह से कुछ लोग बीमार पड़ गए. इसलिए नेपाल सरकार ने फल व सब्जी पर बैल लगा दी है.

श्रीराम चौरसिया, फल व्यापारी

वर्जन

नेपाल सरकार का निर्देश है कि बिना टेस्ट रिपोर्ट के कच्चा सामान, फल और सब्जी को पास नहीं किया जाएगा. आला अफसरों से बात हुई है. अंतिम निर्णय अफसर लेंगे.

कमल भटराई. कस्टम चीफ भैरवहा

Posted By: Inextlive