सिओल (एएनआई)। दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने पूर्वी तट से दो छोटी रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं। दो हफ्तों के भीतर उत्तर कोरिया का यह पांचवां मिसाइल परीक्षण है। बता दें कि दोनों मिसाइलों को स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार को शाम 5:32 बजे और शाम 5:50 बजे पूर्वी तटीय शहर हैमंग से दागा गया। दक्षिण कोरिया की सेना ने अपने बयान में कहा, 'उत्तर कोरिया अभी और मिसाइलों का परीक्षण कर सकता है, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। वह परिक्षण के जरिये इसका पूरा विरोध कर रहा है। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और हमने सेना को पूरी तरह तैयार कर दिया है।' बता दें कि इससे पहले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने मंगलवार को कहा था कि उनका परीक्षण एक तरह से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के लिए चेतावनी हैं। उन्होंने दोनों देशों के संयुक्त युद्धाभ्यास को उत्तर कोरिया के साथ हुए समझौतों का उल्लंघन बताया। अमेरिका और दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास सोमवार को शुरू हुआ था। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने इस परिक्षण के जरिये अमेरिका और दक्षिण कोरिया को एक बार फिर चेतावनी दे दी है।

कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ेगा तनाव
बता दें कि चार दिन पहले भी उत्तर कोरया ने दो छोटी रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों का परिक्षण किया था। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता चेओंग वा दाई ने अपने बयान में कहा, 'उत्तर कोरिया के इस तरह के परीक्षण से कोरियाई प्रायद्वीप पर सैन्य तनाव बढ़ जायेगा। हम उत्तर कोरिया से ऐसी गतिविधियों को रोकने का आग्रह करते हैं।' इसके अलावा अमेरिकी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वह इस परिक्षण के बारे में जानते हैं और उत्तर कोरिया की हर एक गतिविधि पर वह अपनी नजर रख रहे हैं। बता दें कि इस परिक्षण के कुछ ही घंटों पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा था कि उन्हें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का तीन पन्नों का एक अच्छा पत्र मिला है, जो यह दर्शाता है कि वह परमाणु से जुड़ी समस्या को खत्म करने के लिए आगे बातचीत के इच्छुक हैं।

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पोंपियो ने जाहिर की थी बातचीत की इच्छा

खास बात यह है कि दो दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने उत्तर कोरिया के साथ फिर से बातचीत के लिए अपनी इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका और उत्तर कोरिया जल्द ही शांति वार्ता के लिए बैठक कर सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री के इस बयान के बाद उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया के इस कदम से दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को धक्का लग सकता है।

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