बरेली: पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान होती है..यह साबित करके दिखाया है शहर के होनहारों ने. पीसीएस जे के एग्जाम में फ‌र्स्ट अटेम्पट में ही क्वालीफाई करने वाले मेधावियों ने दिन-रात मेहनत कर सफलता पाई. मेधावियों ने संडे को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट के साथ अपनी सफलता की कहानी शेयर की.

सोशल मीडिया का उतना यूज करें जितनी जरूरत: पीयूष मूलचंदानी

सोशल मीडिया से का उतना ही यूज करें जितना जरूरी है. बेवजह सोशल मीडिया को बिल्कुल भी यूज न करें. यह कहना है पीसीएस जे-2018 में फ‌र्स्ट अटेम्पट में 286वीं रैंक पाने वाले पीयूष मूलचंदानी का. उन्होंने बेताया कि एग्जाम की तैयारी के लिए वह भी सोशल मीडिया की मदद लेते थे, लेकिन जरूरत के अनुसार.

आरयू कैंपस से किया एलएलएम

शहर के इज्जतनगर की बन्नूवालनगर कॉलोनी के रहने वाले हैं. उनके पिता भगवानदास मूलचंदानी पेशे से डॉक्टर हैं. जबकि मां सुनीता मूलचंदानी गृहणी हैं. पीयूष मूलचंदानी ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा जीपीएम स्कूल से पास की. इंटरमीडिएट पास करने के बाद बीएससी 72 परसेंट मा‌र्क्स के साथ पास किया. साल 2018 में बरेली कॉलेज से एलएलबी 63 प्रतिशत मा‌र्क्स के साथ पास किया. बीएससी के साथ ही उन्होंने पीसीएस जे की तैयारी शुरू कर दी थी.

चाचा से मिली प्रेरणा

पीयूष ने साल 2009 पहले एमबीए मार्केटिंग से किया, लेकिन उसमें मन नहीं लगा. पीसीएस जे की प्रिपेरेशन की प्रेरणा उन्हें अपने चाचा जस्टिस जीआर मूलचंदानी जोकि जयपुर हाईकोर्ट में सिटिंग जज हैं से मिली. पीयूष का कहना है कि किताबों में सब कुछ उपलब्ध है और उन्होंने किताबें पढ़ कर ही परीक्षा की तैयारी की. बताते हैं कि वह डेली पांच से छह घंटा ही पढ़ाई कर इंटरनेट की भी मदद लेते थे. पीयूष का एमपी में भी एग्जाम क्लीयर हो चुका है. उनके पास इंटरव्यू के लिए बुलावा आया है, जबकि यूके से भी उनका प्री एग्जाम क्लीयर हो चुका है.

दो बार नहीं मिली सफलता फिर भी नहीं मानी हार: नंदनी

शहर के मढ़ीनाथ अशोकनगर निवासी आरके अग्निहोत्री की बेटी नंदनी ने भी पीसीएस जे एग्जाम में 371वीं रैंक पाकर सफलता हासिल की है. नंदनी पीसीएस जे के एग्जाम में पहले भी तीन बार एग्जाम में बैठ चुकी थी. लेकिन सफलता नहीं इसके बाद भी नंदनी ने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत लगातार जारी रखी. आखिर में पीसीएस जे के एग्जाम में सफलता हासिल की.

5-6 घंटे की पढ़ाई

मढ़ीनाथ निवासी नंदनी मूल रूप से लखीमपुर खीरी के हैदराबाद गांव की रहने वाली हैं. पिता आरके अग्निहोत्री किसान हैं. जबकि मां गृहणी हैं. नदंनी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट शहर के जीजीआईसी इंटर कॉलेज से किया. इंटरमीडिए वर्ष 2007 में 60 प्रतिशत मा‌र्क्स, बीए बरेली कॉलेज बरेली से 2010 में 60 प्रतिशत मा‌र्क्स और एलएलबी केजीके कॉलेज मुरादाबाद से वर्ष 2013 में 59 प्रतिशत अंकों के साथ पास की. एलएलबी करने के साथ ही नंदनी ने पीसीएस जे की तैयारी शुरू कर दी. नंदनी ने एलएलएम आरयू कैंपस से वर्ष 2017 में 75 प्रतिशत मा‌र्क्स के साथ पास किया. इसके बाद शहर के कोचिंग से तैयारी भी और सफलता हासिल की. नदंनी बताती है कि वह पांच से छह घंटा ही तैयारी करती थी लेकिन मन लगाकर पढ़ाई करती थी.

दिन में नहीं मिलता था टाइम, रात में की पढ़ाई: दुष्यंत कुमार

बिशारतगंज के गांव प्रहलादपुर मझगवां निवासी दुष्यंत कुमार शर्मा ने भी पीसीएस-जे एग्जाम में फ‌र्स्ट अटेम्पट में 382वीं रैंक हासिल की है. दुष्यंत के पिता ओमप्रकाश शर्मा जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक से रिटायर हैं. जबकि मां नत्थो देवी गृहणी हैं. दो भाइयों में बड़े भाई चन्द्रपाल खेती करते हैं. जबकि तीन बहने हैं. दुष्यंत ने अपनी पढ़ाई बरेली कॉलेज से वर्ष 2007 में 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की. इसके बाद एमबीए मार्केटिंग 69 प्रतिशत के साथ वर्ष 2009 में, एलएलबी बरेली कॉलेज बरेली से वर्ष 2015 में 59 प्रतिशत अंकों के साथ पास करने के बाद एलएलएम आरयू कैंपस वर्ष 2017 में उत्तीर्ण किया.

जॉब में नहीं लगा मन

एलएलबी के दौरान शुरू की तैयारी

दुष्यंत ने बताया कि वह जब एमबीए करके आए तो मार्केटिंग की जॉब शुरू की, लेकिन मन नहीं लगा. इसके बाद पीसीएस जे में करियर बनाने का फैसला लिया. वह जब एलएलबी कर रहे थे तभी उन्होंने पीसीएस में जाने का मन बना लिया, और तैयारी शुरू कर दी थी. इसके साथ ही उन्होंने शहर में एक लॉ एकेडमी ओपन कर कोचिंग पढ़ाना भी शुारू कर दिया. हांलाकि इस दौरान वह खुद की पढ़ाई के लिए समय नहीं निकाल पाते तो वह रात में समय निकालकर पढ़ाई करते थे. लेकिन इसके लिए वह चार से छह घंटे पढ़ाई थे. मन लगाकर पढ़ाई की और पीसीएस जे फ‌र्स्ट अटेम्पट में सफलला हासिल की.