- मना करने पर वेटर के साथ की मारपीट

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AGRA. थाना ताजगंज पुलिस के हाथ फर्जी आईपीएस अधिकारी हाथ लगा है. फर्जी आईपीएस एक ढाबा संचालक को रौब दिखा रहा था. खाने के साथ शराब की डिमांड पूरी न होने पर उसने मारपीट कर दी. इसी के बाद पहुंची पुलिस को भी गुमराह कर दिया. खुद को आबकारी अधिकारी बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ में शातिर की पोल खुल गई. उसने खुद को सिक्योरिटी गार्ड बताया. पुलिस ने ढाबा संचालक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर शातिर को जेल भेज दिया है.

रात में पहुंचा था ढाबे पर
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए फर्जी आईपीएस का नाम रामवृक्ष सिंह पुत्र वारेलाल निवासी यशोदा नगर, सिविल लाइन, इटावा है. बुधवार रात 11:30 बजे शातिर फतेहाबाद रोड स्थित एक ढाबे पर पहुंचा. वेटर ने खाना लगा दिया. युवक ने वेटर से शराब की डिमांड की. इस पर वेटर ने मना कर दिया. अधिकारी उस पर भड़क गया. उसने वेटर से बोला कि वह आईपीएस अधिकारी है, उसकी डिमांड पूरी की जाए.

संचालक को भी हड़काया
वेटर ने ढाबा संचालक से शिकायत की. संचालक ने आकर युवक को समझाया कि ढाबे पर शराब की मना है, लेकिन वह उस पर भी रौब जमाने लगा. वेटर के साथ मारपीट कर दी. इस पर संचालक ने थाना ताजगंज पुलिस को सूचना दी. मौके पर पुलिस पहुंच गई. पुलिस ने देखा कि हंगामा कर रहे फर्जी अधिकारी की कमर में रिवॉल्वर भी लगा हुआ है.

पुलिस के सवालों में खुला मामला
पुलिस ने उससे पूछा कि आप किस बैच के हो, इस पर शातिर सकपका गया. पुलिस से बोला कि वह आईपीएस अधिकारी नहीं बल्कि पुलिस है. उसने खुद को आबकारी इंस्पेक्टर बताया. इस पर पुलिस ने उसका आई-कार्ड देखने को मांगा. उसने कार्ड पकड़ा दिया. पुलिस ने जांच की तो वह कार्ड भी फर्जी था. पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो शातिर ने कबूला कि वह न अधिकारी है और न ही आबकारी इंस्पेक्टर, वह तो सिक्योरिटी कंपनी का गार्ड है.

मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा
खुलासा होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. ढाबा संचालक राकेश सिंह निवासी गोबर चौकी ने शातिर के खिलाफ थाने पर तहरीर दी. पुलिस ने तहरीर पर धोखधड़ी में मुकदमा दर्ज कर शातिर को जेल भेज दिया. पुलिस के मुताबिक शातिर के बारे में और छानबीन की जा रही है.