- तीन महीने की बारिश से मिल सकता है दो महीने का पेयजल

- रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने में दिखाई गई लापरवाही

आगरा. बारिश के तीन महीने की फसल को बचाकर अरबों लीटर पानी संचय किया जा सकता है. इसके लिए बस सभी घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की जरूरत है. इस सिस्टम के लगने से बारिश पानी को धरती के भीतर भेजा जा सकता है. इससे भूजल स्तर की फसल लहलहा उठेगी. लेकिन न तो जिला प्रशासन ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से पानी बचाने में संजीदगी नहीं दिखाई, न ही जनता ने जागरूकता का परिचय दिया. इसका नतीजा यह है कि हर साल बरसात के मौसम में जून से मध्य अगस्त तक अरबों लीटर पानी व्यर्थ में बहा दिया जा रहा है.

दो महीने का पेयजल हो सकता है स्टोर

शहरभर में लगभग तीन लाख मकान हैं. इसमें गिने-चुने सरकारी भवनों और मकानों में ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हैं. ये सिस्टम रखरखाव के अभाव में बेकार हो चुके हैं. जिला और जिम्मेदार प्रशासनिक विभागों ने भवनों में न तो वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने में सक्रियता बरती और न ही सरकारी भवनों के लगे सिस्टमों के बेहतर काम करने पर ध्यान दिया. इसका परिणाम इस मानसून में भी देखने को मिलेगा. जानकारों की मानें तो शहर में जून से 15 अगस्त के बीच .660 मिलीमीटर बारिश होती है. इस पानी को बचाने के कोई उपाय नहीं किए गए हैं. इसलिए हर साल 16 अरब 20 करोड़ लीटर से ज्यादा पानी व्यर्थ में बहा दिया जा रहा है. जबकि इस पानी को बचाकर शहर की 20 लाख की आबादी को पूरे दो महीने यानी 60 दिनों तक पानी पिला सकते हैं.

आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित

पानी की बचत को लेकर सरकारें कितनी संजीदा हैं. ये इसी से समझा जा सकता है कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पद ग्रहण करते ही हर मकान में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का निर्देश दिया था. अभी मानसून से पहले सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग लगाने की बात कही. इसके बावजूद अधिकारी बेपरवाह हैं, जबकि मानसून ने दस्तक दे दी है.

तो मीठे पानी में बदल जाए

शहर में पानी किल्लत की समस्या है ही, साथ में खारा पानी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. जानकारों का कहना है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जमीन के लेवल का पानी बढ़ेगा. इससे पानी का खारापन कम होगा और मीठा पानी मिलने लगेगा.