- फोगाट बहनों को कैम्प ना ज्वाइन करने के बारे में देनी होगी सफाई

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LUCKNOW:

साई सेंटर में चल रही सीनियर महिला कुश्ती राष्ट्रीय कैम्प में स्टार प्लेयर्स के ना पहुंचने से उन्हें बाहर किए जाने के मामले को लेकर कुश्ती प्लेयर्स हैरान है. वहीं भारतीय कुश्ती महासंघ ने इस मामले में स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में कैम्प ज्वाइन ना करना अनुशासन हीनता है. जिन खिलाडि़यों ने अब तक कैम्प ज्वाइन नहीं किया है, उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी. गर्दन की चोट से जूझ रही ओलम्पिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने गुरुवार को कैम्प ज्वाइन कर लिया. जबकि साक्षी ने पहले ही 20 मई तक छुट्टी ले रखी थी. कैम्प से जुड़े लोगों के अनुसार फोगाट बहनें गीता, बबिता, रितु और संगीता समेत तकरीबन 13 पहलवान अब तक कैम्प नहीं पहुंचे हैं.

10 मई से शुरू होना था

एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप के आयोजनों को देखते हुए सीनियर महिला पहलवानों का कैम्प बीते 10 मई से साई सेंटर में शुरू होना था. लेकिन पहलवानों के ना पहुंचने पर कैम्प निर्धारित तिथि से शुरू नहीं हो सका. ऐसे में प्रशिक्षकों ने 13 मई से कैम्प स्टार्ट किया. इसके बावजूद इसमें पहलवानों की निर्धारित संख्या पूरी नहीं हुई. कैम्प के चीफ कोच कुलदीप को अब तक नहीं पता कि कैम्प में शामिल 13 पहलवानों ने अब तक कैम्प क्यों नहीं ज्वाइन किया. उन्होंने बीते बुधवार को इन पहलवानों के कैम्प न पहुंचने रिपोर्ट भारतीय कुश्ती महासंघ को सौंप दी है. ऐसे मं महासंघ ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए फोगाट बहनों समेत 13 पहलवानों को कैम्प से बाहर कर दिया. इन पहलवानों का अगले माह एशियाई खेल के लिए होने वाले ट्रायल में हिस्सा लेना अब मुश्किल हो गया है.

कैम्प ज्वाइन करना जरूरी

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह इस मामले में कहा कि नेशनल कैम्प के लिए सेलेक्ट किए गए पहलवानों को तीन दिन के अंदर कैम्प ज्वाइन करना होता है. यदि कैम्प ज्वाइन करने में किसी तरह की परेशानी है तो इसकी जानकारी प्रशिक्षकों के पास होनी चाहिए, जिससे उनकी समस्या दूर की जा सके. बताते चले कि इस कैम्प में गीता और बबिता की चचेरी बहन विनेश ने बीते आठ मई को ही कैम्प ज्वाइन कर लिया था.