शराब, बीयर, व्हिस्की की खाली बोतलों से अटा परिसर

खुलेआम बिखरीं पड़ी आपत्तिजनक चीजें, मादक पदार्थ

Meerut : प्यारे लाल स्मारक जिला अस्पताल परिसर इन दिनों मयखाना सरीखा नजर आ रहा है. हालत यह है कि मौजमस्ती और अय्याशी यहां चरम पर चल रही हैं. शराब की दर्जनों खाली बोतलों के साथ ही आपत्तिजनक चीजें भी हैरान करने वाली हैं. बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. जिससे असमाजिक और अराजक तत्वों का जमावड़ा जिला अस्पताल के आसपास हो जाता है.

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यह है स्थिति

जिला अस्पताल में मरीजों को भले ही समय से इलाज न मिल पाता हों बावजूद इसके, नशेबाजों ने यहां अपना खास साम्राज्य फैला लिया है. हालत यह है कि पार्क से लेकर वार्ड तक व्हिस्की, बीयर, देसी दारु की खाली बोतलों से पटे हैं. बच्चा वार्ड के सामने बने वार्ड की छत पर जहां-तहां बीयर की बोतलें पड़ी हुई हैं. पाथ-वे, कूड़ेदान, अस्थाई कूड़ेदान सिगरेट, तंबाकू समेत अन्य मादक पदार्थो के अवशेषों से पटे हुए हैं. परिसर में शायद ही कोई ऐसी कोई जगह हो यहां कदम रखा जाए और इस तरह की चीजों से सामना न हो.

पार्को में महफिल

सूत्रों के अनुसार जिला अस्पताल में शराब पीने वालों की महफिल पार्को में सजती है. पार्को में पड़ीं अंग्रेजी और देशी शराब की खाली बोतलें खुद इस बात की गवाही देती हैं. इतना ही नहीं यहां लोग ताश व जुआ भी खेलते हैं. गंभीर बात यह है कि अस्पताल का स्टॉफ ही साफ-सफाई के दौरान खाली बोतलों और गिलासों को तोड़कर या तो गड्ढों में दबा देता है या जला देता है.

आपत्तिजनक चीजें

अस्पताल में मादक पदार्थों के अलावा नालियों में आपत्तिजनक चीजें भी पड़ी हुई हैं. परिसर में बनी एक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के पीछे बने सीवर लाइन इस तरह की चीजों से पटी हुई हैं. जबकि खाली पैकेट भी खुलेआम पड़े हुए हैं.

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यह है नियम

अस्पताल या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर शराब या अन्य मादक पदार्थो का सेवन नहीं किया जा सकता है. अगर कोई इस तरह के कार्य में लिप्त दिखाई देता है तो तुरंत ही पुलिस को सूचना देनी हाेती है.

इनका है कहना

अस्पताल में सुरक्षा गार्डो की बहुत ज्यादा कमी है. सुरक्षा न होने के चलते असामाजिक तत्व अस्पताल में घुस आते हैं. कई बार शासन-प्रशासन को इस संबंध में पत्र भी लिखा जा चुका है.

डॉ. पीके बंसल

एसआईसी, जिला अस्पताल