- 6 घंटे की कड़ी पूछताछ में सामने आई बात

- थाना के हवालात में बैठकर मां को लिखा लेटर

- जल्द ही पूरा केस खुलकर आएगा सामने

BAREILLY: प्रेमनगर में बुजुर्ग महिला टीचर सावित्री की हत्या प्रॉपर्टी डीलर ने ही की थी। पुलिस की जांच में यही सामने आया है। पैसों के लेनदेन में हुई इस हत्या कितने लोग शामिल हैं, इसका पता नहीं चल पाया है। वहीं दूसरी ओर खुद को पुलिस से बचने के लिए प्रॉपर्टी डीलर हवालात से ही अपनी मां को लेटर लिख रहा था, जिसमें उसने पुलिस को कुछ भी न बताने और एडवोकेट करने की बात लिखी थी, लेकिन वह पहले ही पकड़ा गया। सीओ फ‌र्स्ट असित श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक की जांच में आया है कि प्रापर्टी डीलर ने ही हत्या की है। बची हुई कडि़यों को जोड़ा जा रहा है। जल्द ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।

शक के आधार पर संजू काे पकड़ा

बता दें कि वेडनसडे रात सावित्री की उनके घर में ही धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई थी। परिजनों से पूछताछ में आया था कि सावित्री स्वरूप नगर में रिटायर्ड मास्टर का मकान खरीदना चाहती थीं। इसको लेकर उन्होंने संजू नाम के प्रॉपर्टी डीलर को ढाई लाख रुपए भी एग्रीमेंट के रूप में दिए थे। पुलिस ने इसी के चलते संजू को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था। संजू की निशानदेही पर रत्‍‌न व उसके भाई को भी हिरासत में लिया गया था।

फर्जी एग्रीमेंट किया था

संडे रात सीओ व थाना पुलिस ने छह घंटे तक संजू से पूछताछ में घटना से संबंधित कुछ बातें बताई। अभी वह पुलिस हिरासत में है। प्रॉपर्टी डीलर संजू ने सावित्री को रिटायर्ड टीचर के मकान का फर्जी एग्रीमेंट किया था और इसके बदले में उसने ढाई लाख रुपये भी ले लिए थे। जब सावित्री को फर्जी एग्रीमेंट के बारे में पता चला तो उन्होंने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए, लेकिन प्रॉपर्टी डीलर पैसे वापस नहीं देना चाहता था। वारदात वाले दिन भी वह पैसों को लेकर सावित्री को कर्मचारी नगर में घुमाता रहा था। वहां पर सावित्री का संजू से झगड़ा भी हुआ था। इस पर सावित्री ने उसे पुलिस में जाकर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी थी। शायद इसी के चलते उसने सावित्री की हत्या कर दी।

मां जल्द एडवोकेट भेज देना

पुलिस जांच में आया कि संजू ने प्रेमनगर थाना की हवालात में जैल पेन से लेटर लिखा। अपनी मां को लिखे लेटर में उसने लिखा कि मां पुलिस कुछ भी पूछने आए तो उसे मत बताना। इसके अलावा ऑफिस में आने वाले लड़के के बारे में भी कुछ मत बताना। ऑफिस बंद होने का टाइम भी एक घंटा अलग कर देना। इसके अलावा जल्द से जल्द एडवोकेट कर उसके पास भेज देना, जिससे वह यहां से मुझे निकल सके, लेकिन लेटर वहां मौजूद एसआई ने पकड़ लिया। यह लेटर वह उससे मिलने आए भाई के माध्यम से मां तक पहुंचाने वाला था।