- डिप्टी सेल टैक्स कमिश्नर के ट्रांसफर की मांग को लेकर धरने पर बैठे वकील

- वकील अधिकारी पर लगा रहे रिश्वत मांगने का आरोप

- अधिकारी वकील पर लगा रहे फर्जी पंजीयन कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप

GORAKHPUR : डिप्टी सेल्स टैक्स कमिश्नर और अधिवक्ता के बीच मंगलवार को पंजीयन को लेकर उपजा विवाद तूल पकड़ने लगा है। इसकी वजह से बुधवार को भी सेल टैक्स ऑफिस में कार्य प्रभावित रहा। मंगलवार की घटना को लेकर वकीलों ने सेल टैक्स अधिकारी के खिलाफ खोराबार थाने में कार्य में लापरवाही और दु‌र्व्यहार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को सेल टैक्स के एक अधिकारी प्रमोद कुमार ने भी अधिवक्ता के खिलाफ खोराबार थाने में मारपीट और दु‌र्व्यहार करने का मुकदमा दर्ज कराया। जिसपर वकील आंदोलित हो उठे। उनकी मांग है कि सेल टैक्स अधिकारी विनय कुमार गुप्ता का स्थानांतरण कर अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाए। देर शाम अधिवक्तओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद अनशन स्थगित कर दिया है।

पूरे दिन नहीं हुआ कार्य

सुबह सेल टैक्स अधिकारी काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे थे। वकीलों ने भी सामान्य दिनों की तरह कार्य करना शुरू किया। जैसे ही वकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की खबर आई, टैक्स कोर्ट एसोसिएशन के मेंबर्स धरने पर बैठ गए। वकील अधिकारियों पर कार्य न करने का आरोप लगाते रहे वहीं अधिकारी अपना बचाव करते रहे। अधिकारियों का कहना है कि वकील नीचे से व्यापारियों को ऊपर नहीं आने दे रहे हैं।

पंजीयन फार्म बना विवाद का कारण

सेल टैक्स वकील खंड 11 के डिप्टी सेल्स टैक्स कमिश्नर विनय कुमार गुप्ता के ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है की इनके द्वारा आए दिन दु‌र्व्यहार किया जाता है। मंगलवार को एक फॅार्म का पंजीयन कराने को लेकर वकील और विनय गुप्ता के बीच विवाद हो गया। अधिवक्ता शशिकांत मिश्र ने जो फार्म पंजीयन के लिए दिया गया था, उसको सेल टैक्स अधिकारी ने अड्रैस और नाम सही न होने की बात कहकर वापस दिया था। उनका कहना था कि सहारा स्टेट में 146 नंबर है ही नहीं, जबकि एड्रेस में 146 नंबर दिया गया है।

सॉफ्टवेयर की गलती

इस पर अधिवक्ता का कहना था उन्होंने एक बटे छियालीस लिखा था। यह सेल्स टैक्स के सॉफ्टवेयर की गलती है कि वह बटे नहीं लेता है। जिस पर सेल टैक्स के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नहीं है, सेल टैक्स का सॉफ्टवेयर की बोर्ड की सभी बटन को लेता है। सेल टैक्स अधिकारियों का कहना है कि उस फॉर्म में नाम भी गलत लिखा है। पैन कार्ड आर्या के नाम से है, लेकिन नाम में मौर्या लिखा गया है। वहीं अधिवक्ताओं का कहना है कि पंजीकरण करने अधिकारी उनसे रिश्वत मांग रहे थे।

देर शाम को स्थगित किया अनशन

सेल टैक्स वकीलों के धरने की खबर पर सिटी मजिस्ट्रेट लवकुश त्रिपाठी सेल टैक्स ऑफिस पहुंचे। बातचीत के दौरान वकीलों ने सिटी मजिस्ट्रेट को अपना ज्ञापन सौंपा। सिट्री मजिस्ट्रेट ने मामले में जांच क उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, तो वकीलों ने अपना अनशन स्थगित कर दिया। वहीं सेल टैक्स अधिकारियों ने बुधवार को कार्यालय के कागजातों की सुरक्षा के लिए फोर्स लगाने को लेकर थानाध्यक्ष खोराबार को पत्र लिखा। उनका कहना कि जिस तरह की स्थिति है कभी भी कोई ऑफिस में रखे पेपर्स को नुकसान पहुंचा सकता है।

सेल टैक्स टैक्स अधिकारियों की मनमानी के कारण काम करना मुश्किल हो गया है। जब तक सेल्स टैक्स अधिकारी विनय कुमार गुप्ता का ट्रांसफर नहीं होता और अधिवक्ता शशिकांत के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं होता हम लोग कार्य नहीं करेंगे।

पीएस पाठक, सचिव टैक्स बार एसोसिएशन

पंजीयन फार्म में एड्रेस और नाम गलत था, उसको ठीक करने के लिए होल्ड किया गया था। सभी पेपर ठीक होने स्थिति में किसी के आने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आसानी से आगे बढ़ जाती है। उसके बाद मौके का सत्यापन होता है। जिसमें सबकुछ सही होने पर पंजीकरण हो जाता है। बुधवार को व्यापारियों को कार्य कराने के लिए ऊपर आने से रोका गया, जिससे ऑफिस का कार्य प्रभावित रहा।

संगम लाल, ज्वाइंट कमिश्नर, सेल्स टैक्स