गोरखपुर (ब्यूरो)।किसी प्रकार की घटना होने पर उसका लाभ वह ले सकें। इसके साथ ही पूर्वांचल गैस एसोसिएशन की तरफ से यह भी अपील की गई कि अगर आपके घर में हॉकर गैस सिलेंडर लेकर आता है तो तत्काल आप सिलेंडर की तौल कांटे से करा लें। यदि वह तौल करने से इंकार करता है या कांटा लेकर नहीं आया है तो इसके बारे में तुरंत डीलर को बताएं। तौल में वजन कम निकलता है तो नाप-तौल विभाग में इसकी शिकायतें करें। यह छोटी सी पहल हर माह आपके कुछ रुपए बचा सकती है।

100 से ज्यादा हैैं गैस एजेंसी

बता दें, जिले में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत गैस कंपनी के 100 से ज्यादा गैस एजेंसियां हैैं। करीब चार लाख से ऊपर परिवार घरेलू गैस का इस्तेमाल करते हैं। समय पर सिलेंडर पाने की खुशी हो या फिर समय का अभाव या महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा, उपभोक्ता बगैर तौल कराएं ही हॉकर से सिलेंडर ले लेते हैं। वैसे तो हर माह एक सिलेंडर गैस की खपत हो जाती है, लेकिन कई बार जब गैस कम दिनों में खत्म हो जाती है तो उपभोक्ता को ठगे जाने का अहसास होता है। वे या तो शिकायत नहीं करते और यदि करते हैं तो उनकी सुनी नहीं जाती। कई बार इच्छा के बावजूद नाप तौल विभाग का दफ्तर व टेलीफोन नंबर पता न होना, उपभोक्ता को शिकायत करने से रोकता है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं। सिलेंडर में कम गैस मिलना एक आम बात है, लेकिन डीलर भी इस ओर ध्यान नहीं देते और उपभोक्ता भी अपने अधिकारों के प्रति सजग नहीं है। हॉकर भी कांटा लेकर जाना जरूरी नहीं समझते पूछने पर कहते हैं। कोई तौल नहीं करवाता। इधर कुछ उपभोक्ता सिलेंडर तौल कराना चाहते हैं लेकिन हॉकर उन्हें अगले माह तौल करने की बात कहकर गुमराह करता है, और अगले माह हॉकर ही बदल जाता है।

ऐसे जाने सिलेंडर का वजन

खाद्य आपूर्ति ïिवभाग के सीनियर क्लर्क अरुण सिंह बताते हैैं कि गैस सिलेंडर में भरी हुई गैस की मात्रा 14 किलो 200 ग्राम होना चाहिए। खाली सिलेंडर का वजन 15 किलो से साढ़े 16 किलो तक होता है। हर सिलेंडर के ऊपर हिस्से पर वजन लिखा होता है। खाली सिलेंडर का वजन 16 किलो हुआ तो आपके भरे हुए सिलेंडर का वजन 30 किलो 200 ग्राम होगा। सिलेंडर का वजन इससे कम हुआ तो नाप-तौल विभाग में शिकायत करें।

यहां करें शिकायत

गैस सिलेंडर में निर्धारित मात्रा से कम गैस पाए जाने पर आप इसकी शिकायत निरीक्षक नाप तौल के मोबाइल नंबर 18002333555 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा एक सादे कागज पर आवेदन देकर जिला खाद्य आपूर्ति विभाग व उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी के दौरान तौल कर ही लेना चाहिए। इसके साथ ही प्रॉपर चेक करने के बाद ही उसे लेना चाहिए। किचन में लगे पाइप को भी जरूर चेक करें। पाइप में कटे होने पर उसे तत्काल बदल दें। किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल इसकी सूचना गैस एजेंसी या फिर खाद्य आपूर्ति विभाग को दें।

- गंगा सागर राय, अध्यक्ष, पूर्वांचल गैस एसोसिएशन