-फ्री बैकिंग सुविधाओं पर जल्द लग सकता है ब्रेक, सर्विस पर लगने वाले जीएसटी की वसूली खाताधारक से होगी

-बैकिंग सेवाओं पर जीएसटी की प्रभावी दर 18 फीसदी, एसबीआई की चीफ जीएम ने कहा, कोई सर्विस बंद नहीं होगी

KANPUR: एटीएम बंद होने की आशंकाओं के बीच एक राहत भरी खबर है। पूरे देश में एसबीआई का एक भी एटीएम बंद नहीं होगा। हालांकि एटीएम से ट्रांजक्शन महंगा जरूर होने वाला है। क्योंकि एटीएम ट्राजेक्शन हो, या फिर बैंक से नई चेकबुक या एटीएम कार्ड लेना हो। इन सब ट्रांजेक्शंस के लिए जल्द ही एसबीआई के खाताधारतों को 18 फीसदी की दर से जीएसटी देना पड़ सकता है। एसबीआई मेन ब्रांच में टयूजडे को एसबीआई वेल्थ सेंटर का इनॉग्रेशन करने पहुंची लखनऊ सर्किल की चीफ जनरल मैनेजर सलोनी नारायण ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बैंकों पर लोड बढ़ता जा रहा है लेकिन जो सुविधाएं कस्टमर्स के लिए जरूरी है उन्हें बंद करने का कतई इरादा नहीं है। इन पर चार्जेस जरूर संभव हैं।

मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही सीबीआईसी(सेंट्रल बोर्ड फॉर इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्सस) ने 19 बैंकों को नोटिस जारी किया था। जिसमें कस्टमर्स को फ्री में मुहैया कराई जाने वाली सर्विसेस पर लगे टैक्स को चुकाने के लिए कहा गया था। इसी साल मई में भी फ्री बैकिंग सर्विसेस पर जीएसटी लगाने की बात चली थी। हांलाकि अभी यह साफ नहीं है कि ट्रांजक्शन पर लगने वाले जीएसटी की पूरी वसूली होगी या इसके लिए बैंक कोई निश्चित चार्ज फिक्स करेगा.

अभी ये सुविधाएं कॉप्लीमेंट्री

- फ्री एटीएम यूसेज

- पासबुक, चेकबुक इश्यू

- क्रेडिट या डेबिट कार्ड इश्यू

- रिफंड फ्यूल सरचार्ज

हीं बंद होंगे एसबीआई के एटीएम

एसबीआई की सीजीएम सलोनी नारायण ने कहा कि मौजूदा वक्त में एसबीआई के 85 फीसदी ट्रांजक्शन डिजिटल प्लेटफार्म पर हो रहे हैं.कानपुर में ही एसबीआई के 10 लाख से ज्यादा कस्टमर्स हैं और कार्ड बेस काफी ज्यादा है। एटीएम को अपग्रेड करने और सिक्योरिटी अरेंजमेंट में इनवेस्टमेंट करना पड़ेगा, लेकिन बैंक का कोई भी एटीएम बंद करने का इरादा नहीं है। बल्कि 7 साल पुराने एटीएम को रिप्लेस कर उन्हें नई मशीनों के जरिए ई सर्विलांस सिस्टम से लैस किया जा रहा है। एसबीआई के एटीएम फ्रॉड में खासकर यूपी में खासी कमी आई है। हमारे ज्यादातर प्रोडक्ट व ई सर्विसेस पूरी तरह से सेफ हैं।

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85 फीसदी एसबीआई ट्रांजेक्शन डिजिटल प्लेटपफार्म पर

10 लाख से ज्यादा कस्टमर्स सिर्फ कानपुर में एसबीआई के

100 से ज्यादा ब्रांच हैं कानपुर जिले में स्टेट बैंक की

300 से ज्यादा एटीएम भी कानपुर की सीमा में लगे

7 साल से पुराने एटीएम को किया रिप्लेस करने की तैयारी

चेक क्लोनिंग बड़ी चुनौती

मीडिया से बातचीत के दौरान सीजीएम ने कहा कि बैंकिंग फ्रॉड में चेक क्लोनिंग इस समय बड़ी समस्या है। यूपी में यह प्रॉब्लम ज्यादा है। इसके लिए हम पुलिस के साथ काम कर रहे हैं। कुछ गैंग्स का भी पता चला है जो इस काम में लगे हैं। सभी ब्रंाचों में साफ निर्देश हैं कि चेक क्लोनिंग की शिकायत पर फौरन पुलिस के साथ मिल कर काम करें.

इनटच ब्रांचों में पीबी सर्विसेस

शहर के बंद हुए एसबीआई के तीन इनटच इंटरनेट बैकिंग शाखाओं को अब पर्सनल बैकिंग ब्रांचों में कनवर्ट किया जाएगा। इन ब्रांचों में बैंक के बड़े कस्टमर्स को पसर्नलाइज्ड बैकिंग सॉल्यूशन्स मिलेंगे। इन टच को लेकर सीजीएम सलोनी नारायण ने कहा कि इसे डिजिटल बैकिंग को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था। यह फुल मैकेनाइज्ड ब्रांच थीं। जिसमें बैंक स्टाफ की जरूरत नहीं थी। मेट्रो सिटीज में इनको काफी अच्छा रिस्पांस मिला, लेकिन छोटे शहरों में यह इनती लोकप्रिय नहीं हुई। इस वजह से इन्हें अभी बंद किया गया है।

कानपुर में नहीं बढ़ा एनपीए

कानपुर में सर्किल में बैंक की नॉन परफॉर्मिग एसेट्स को लेकर सीजीएम ने कहा कि इस साल मार्च में जितना एनपीए था। हम दिसंबर तक उसे बरकरार रख पाएं हैं। एनपीए नहीं बढ़ा है। इस सर्किल में एनपीए प्रॉब्लम नहीं है। हमारे सॉफ्ट लोन के रिकवरी सिस्टम को अब काफी अच्छा किया गया है।