लखनऊ (ब्यूरो)। बसों में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर बिठाया गया था। बस की फर्श पर यात्री घुटने मोड़ कर बैठे दिखाई पड़े। उनके पास हिलने तक की जगह नहीं थी। यात्रियों की ऐसी दुर्दशा देख कर बसों की जांच करने वालों अधिकारियों ने चालक-परिचालक को जमकर फटकार लगाई। चेकिंग अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को जानवरों की तरह बस में भरा गया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ से फैजाबाद जाने वाले रूट के साथ ही राजधानी के कई इलाकों में अनाधिकृत बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान जहां 25 बसें बंद की गईं, जबकि 15 बसों का चालान किया गया।

एक दिन में अधिकतम 12 बसें बंद की गईं

अधिकारियों के अनुसार, अब तक एक दिन में अधिकतम 12 बसें ही बंद की गईं। पहली बार एक दिन में 25 बसें बंद की गई हैं। आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज के अनुसार, जगह बदल कर अनाधिकृत बसों का संचालन किये जाने की शिकायतें आ रही थीं। ऐसे बस अड्डों को चिन्हित कर आज अभियान चलाया गया। बिना किसी सूचना के चेकिंग के अधिकारी ऐसी जगहों पर पहुंचे जहां से बसों का संचालन किया जा रहा था। इनके खिलाफ एक्शन लिया गया है। किसी को भी भागने का मौका नहीं मिला और सभी पकड़े गए। यह अभियान अभी जारी रहेगा।

बिना परमिट दौड़ रहीं दूसरे राज्यों की बसें

यूपी परिवहन विभाग के अभियान में यह बात सामने आई है कि सिर्फ यूपी की ही बसें नहीं चल रहीं, बल्कि दूसरे राज्यों की बसों को अवैध तरीके से लखनऊ से होते हुए दिल्ली और अन्य राज्यों तक ले जाया जा रहा है। इन बसों के संचालक बिना रूट परमिट लिए ही बसें दौड़ा रहे हैं। इससे कई बार बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं।