मेरठ (ब्यूरो)। नई शिक्षा नीति को देखते हुए और उसके क्रियान्वयन के बाद इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की अहमियत काफी बढ़ जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स के लिए यह इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स तैयार किया गया है। इसको करने के बाद सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलेंगे।

समर वेकेशन के बाद
शिक्षक-शिक्षिकाओं को अंग्रेजी बोलना सिखाने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों की गुणात्मक शैक्षिक संप्राप्ति में बढ़ोतरी करने के लिए ये कदम शासन स्तर से उठाया गया है। बीएसए योगेंद्र कुमार ने बताया कि इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की शुरुआत तो पहले ही हो जाती लेकिन बीते दो वर्षों में कोरोना के चलते व्यवस्था अटक गई थी। मगर अब समर वेकेशन के बाद टीचर्स के लिए कोर्स की शुरुआत कर दी जाएगी।

10 से 12 मिनट
आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान की ओर से इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स तैयार कर लिया गया है। इसमें 10 से 12 मिनट के कुल 120 मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। 24 घंटे का पूरा कोर्स दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होगा। इसके तहत शिक्षकों को बोलचाल का अभ्यास, व्याकरण, वाक्य विन्यास, उच्चारण, शब्दकोष, सामान्य त्रुटियों आदि की जानकारी दी जाएगी।

एक-एक शिक्षक को
इस कोर्स से संबंधित वीडियो यू-ट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध रहेंगे। शुरुआत में हर स्कूल के एक-एक शिक्षक को ये कोर्स कराया जाएगा। जिले में 1500 में से 900 प्राइमरी व 600 जूनियर हाईस्कूल हैं। इनमें करीब 5500 नियमित शिक्षक पढ़ाते हैं। इन सभी स्कूलों के टीचर्स को बीएसए के माध्यम से कोर्स की पूरी जानकारी दे दी गई है।

एक नजर में
आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान की ओर से इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स तैयार कर लिया गया है।

10 से 12 मिनट के कुल 120 मॉड्यूल तैयार किए गए हैं।

24 घंटे का पूरा कोर्स दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होगा।

इसके तहत शिक्षकों को बोलचाल का अभ्यास, व्याकरण, वाक्य विन्यास, उच्चारण, शब्दकोष, सामान्य त्रुटियों आदि की जानकारी दी जाएगी।

इस कोर्स से संबंधित वीडियो यू-ट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध रहेंगे।

शुरू में हर स्कूल के एक-एक शिक्षक को ये कोर्स कराया जाएगा।

1500 में से 900 प्राइमरी व 600 जूनियर हाईस्कूल हैं जिले में।

5500 करीब नियमित शिक्षक इन स्कूलों में पढ़ाते हैं।

बेसिक स्कूलों के टीचर्स के लिए इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की शुरुआत कर शासन की ओर से सराहनीय पहल की गई है। कोर्स उपलब्ध होने पर शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण में शामिल कराया जाएगा।
योगेंद्र कुमार, बीएसए