-दून जू में तीन लैपर्ड व दो बाघों के साथ संख्या पहुंची पांच तक, जल्द बाघ टूरिस्ट को नजर आएंगे

देहरादून, 7 अप्रैल (ब्यूरो)। दो दिन पहले जिस हमलावर लैपर्ड ने नन्हीं बच्ची पर जो जानलेवा हमला बोला था। वो गुलदार अब दून पहुंच चुaका है। देहरादून जू में बाकायदा, आराम फरमा रहा है। डॉक्टरों के ऑब्जर्वेशन में लैपर्ड पूरी तरह फिट पाया गया। यहां तक कि एक्सपट्र्स को उसके हमलावर होने की कोई एक्टिविटीज तक नहीं पाई गई। हालांकि, डॉक्टर ये भी मान रहे हैं कि पिंजरे में ट्रैवल करने के बाद लैपर्ड अपने हैबिटेट में बदलाव महसूस कर रहा हो। इधर, हमलावर गुलदार के जू में पहुंचने के बाद अब वहां लैपर्ड व बाघ की संख्या 5 तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है जू के रेस्क्यू सेंटर में इससे ज्यादा लैपर्ड या फिर बाघ को रखने की क्षमता नहीं बची हुई है।

संडे सुबह दून पहुंचा हमलावर
आंगन में खेलते हुए जिस लैपर्ड ने नन्हीं परी पर हमला किया था। उसको वन विभाग ने आखिर पिंजरे में कैद कर दिया। उसके बाद उसको संडे सुबह दून लाया गया। जहां उसको दून जू के रेस्क्यू सेंटर में डॉक्टरों के ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डीएफओ दून नीरज शर्मा ने बताया कि फिलहाल, लैपर्ड दून पहुंच चुका है और पूरी तरह हेल्दी नजर आ रहा है। इसके बावजूद डॉक्टरों की उस पर नजर बनी हुई है। वहीं, विभागीय डॉक्टर डा। प्रदीप मिश्रा के मुताबिक श्रीनगर से दून लाए गए लैपर्ड पूरी तरह निगरानी में है। उसके ऊपर अटैकिंग एक्टिविटी भी नजर नहीं आ रही है।

दांत, नाखून ठीक, मटन भी खाया
सुबह पिंजरे से बाहर निकाला गया। उसके बाद उसको सेल में रखा गया। जहां वह शांत देखा गया। उसके नाखून, दांत फिट मिले। दो बार लैपर्ड को मटन दिया गया। लैपर्ड ने कुछ खाया और बचा दिया। डॉक्टर के मुताबिक देर रात में वह खा लेगा।

रेस्क्यू सेंटर में ये 3 लैपर्ड
दून जू रेस्क्यू सेंटर में जो तीन लैपर्ड मौजूद हैं। उनमें एक दून के किमाड़ी क्षेत्र का हमलावार बताया गया है। जबकि, दूसरा श्रीनगर से लाया गया लैपर्ड है। जबकि, तीसरा रुद्रप्रयाग से लाया गया। इस प्रकार से इन तीन लैपर्ड में 2 मेल और 1 फीमेल शामिल हैं।

जल्द डिस्प्ले में नजर आएंगे बाघ
हरिद्वार चिडिय़ापुर से दून जू लाए गए दो बाघ जल्द ही पर्यटकों को नजर आएंगे। जू प्रशासन ने इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ पत्राचार शुरू कर दिया है। विभागीय के डॉ। प्रदीप मिश्रा के मुताबिक सीजेडआई के मानकों को जू में पूरा किया जा रहा है। एन्क्लोजर मौजूद हैं और वाइल्ड एनिमल आइसोलेशन में हैं। ऐसे में उम्मीद है कि 1-2 महीनों में ये बाघ पर्यटकों को नजर आ सकेंगे।