- रानीपोखरी में पेयजल किल्लत को लेकर पिछले चार साल से परेशान है पब्लिक

देहरादून, 12 अप्रैल (ब्यूरो)।
गर्मी शुरू होते ही पेयजल समस्या से जूझना दून से सटे रानीपोखरी के लोगों की नियति बन गई है। ग्रामीण व ग्राम प्रधान इस समस्या के निदान के लिए विभागीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक से गुहार लगा चुक हैं, लेकिन जल जीवन मिशन योजना का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद भी इस गांव को पेयजल किल्लत से राहत नहीं मिल पाई है।

चार साल से झेल रहे पेयजल किल्लत
पिछले चार वर्षो से ग्रामीण जहां यह समस्या को झेलते आ रहे हैं। वहीं जिम्मेदार मौन है और इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि रानीपोखरी पंचायत चारधाम यात्रा के मुख्य मार्ग से लगती हुई पंचायत है। जो कि देहरादून एयरपोर्ट के समीप की हाईटेक पंचायत में गिनी जाती है। यहां तमाम तरह की सुविधा तो ग्राम स्तर से उपलब्ध हैं, लेकिन सरकार के स्तर से बड़ी पेयजल योजना से यह पंचायत आज भी वंचित है। इस पंचायत में 40 वर्ष पूर्व बना नलकूप पानी की कमी के कारण सूख गया है। जो पिछले तीन वर्ष पहले बंद हो गया था।

टैंकरों का ही सहारा
रानीपोखरी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम नागाघेर निवासी संदीप जायसवाल, शांतिनगर निवासी जवाहर थपलियाल, ऋषि राम घिल्डियाल, घेला रोड निवासी सुदामा प्रसाद जायसवाल, रेशमा ,आरती, भटनगरी निवासी दरमियान ङ्क्षसह बिष्ट आदि ने कहा कि उनके क्षेत्र में भी पेयजल किल्लत लगातार बनी हुई है। सरकार को पानी की समस्या के निदान पर ध्यान देने की जरूरत है।

नए ट्यूबवेल प्रस्तावित
पेयजल निगम के सहायक अभियंता एमके जोशी का कहना है कि वर्तमान में बजट की कमी के चलते अभी नलकूप बनाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। आगे किसी अन्य योजना में यहां पर ट्यूबवेल के लिए बजट प्रस्तावित कर कार्य कराया जाएगा।