आज जीवन में हर व्यक्ति अपनी ही तरह से सफलता की ओर अग्रसर हो रहा है।  हर व्यक्ति सफल, खुश, समृद्ध तो होना चाहता है, पर उसके लिए यह भी आवश्यक है कि हम अपने कार्य करने के लिए किस तरह से और कैसे फैसले लेकर कर आगे बढ़ रहे हैं ? सुख, समृद्धि की चाह के साथ इस इच्छा से कि वह जो कर्म कर रहा है, उसका उसे बेहतर परिणाम मिलेगा...ऐसा वह सोच कर चलता है, पर इसके लिए यह बहुत हद तक निर्भर करता है कि हम जहां रह रहे हैं, वहां की वास्तु वाइब्स कैसी हैं ?

जब बात होती है निर्माण की, तो वास्तु का भी आता है नाम

हम जब भी घर की बात करते हैं, तो निर्माण की बात आती है और जब निर्माण की बात आती है तो वास्तु का जिक्र भी आता है और वास्तु का जिक्र आता है, तो हम स्वयं ही सजग भी हो जाते हैं कि जो हम कर रहे हैं वह सही है ? और हो भी क्यों नहीं, क्योंकि हमारी सफलता और हमें हमारे कार्यों में किए हुए प्रयासों का सही परिणाम मिलना चाहिए। भवन निर्माण के समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें, तो आने वाली समस्याओं से बचा जा सकता है।

घर बनवाते समय वास्तु का इन जगहों पर रखें ध्यान

प्रवेश द्वार बनवाते समय ध्यान दें कि वह सही बने और प्लॉट की बाहरी और आंतरिक संरचना पर ध्यान अवश्य दें। घर के प्रवेश द्वार के सामने कोई संकरा रास्ता ना हो, तो अच्छा है। नहीं तो वहां पर रहने वालों में स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें आती हैं और विकास में भी बाधाएं आनी शुरू हो जाती हैं जो किसी भी परिवार के लिए शुभ स्थति नहीं है। यदि कहीं प्लॉट है और निर्माण बाद में करना है, तो वहां पर चार-दीवारी जरूर बनवाएं। ताकि किसी भी बाहरी व्यक्ति का वहां दखल ना हो। यहां पर डीआरएन बनवाते समय भी पूरा ध्यान देना चाहिए कि किस तरफ कैसे दीवारें होनी चाहिए। यदि यहां चार-दीवारी  बनवाने की जगह तारों की फैंसिंग करा रहे हैं, तो यह भी ध्यान दें कि वहां, गोलाई ना आने पाए। वरना वहां पर रहने वालों को नुकसान हो सकता है।

-प्रेम पंजवानी

Vastu Tips: घर बनवाते समय उत्तर पूर्व की तरफ ज्यादा जगह छोड़ें, मिलेगी जीवनदायी ऊर्जा

Posted By: Vandana Sharma

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