हाई कोर्ट ने सरकारी कार्यालयों में कम्प्यूटर, फैक्स, स्कैनर, फोन, इंटरनेट एवं वाई फाई उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि कम्युनिकेशन सिस्टम लगातार स्ट्रांग होता जा रहा है और विभागों का रिस्पांस अब भी पहले जैसा है. इससे समय और धन की बर्बादी के साथ मुकदमों के निस्तारण में भी दिक्कत आ रही है. कोर्ट ने स्टेट गवर्नमेंट को इलाहाबाद व लखनऊ स्थित महाधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता व मुख्य स्थायी अधिवक्ता कार्यालयों में सेंट्रलाइज कम्युनिकेशन सिस्टम डेवलप करने का निर्देश दिया है. इससे सरकार के विभागों से सीधा संपर्क होना संभव होगा. कोर्ट ने कम्प्यूटर, फैक्स, स्कैनर, फोन, इंटरनेट एवं वाई फाई को मूलभूत सुविधा बताते हुए सरकारी कार्यालयों में इसे मुहैया कराने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने प्रमुख सचिव न्याय व विधि परामर्शी से 8 मार्च को कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी है. यह आदेश जस्टिस एसपी केशरवानी ने राज्य सरकार की प्रथम अपील की सुनवाई करते हुए दिया है.

कोर्ट ने प्रमुख सचिव न्याय से कहा

सभी विभागों के फोन नम्बर व ई मेल आइडी एक हफ्ते में सरकारी वकीलों के कार्यालय को उपलब्ध करा दें

3 दिन में विशेषज्ञ के साथ टेक्निकल टीम तैनात करें जो सर्वे व आंकलन कर राज्यविधि अधिकारियो के लिए जरूरी सुविधाओं पर 5 मार्च तक रिपोर्ट दे और सरकार उस पर अमल करे.

3 हफ्ते में हैबी ड्यूटी स्कैनर प्रिंटर के साथ उपलब्ध कराएं

प्रमुख सचिव न्याय 10 दिन में संचार माध्यमो की गाइडलाइन जारी करें. ताकि इन्हें क्रियाशील किया जा सके.

प्रमुख सचिव ने कोर्ट को बताया

ऐसा तंत्र विकसित किया जायेगा जिससे कोर्ट से मांगी गई जानकारी विभाग से तुरन्त उपलब्ध हो जाय

कोर्ट ने कहा

अक्सर कोर्ट मुकदमे के त्वरित निस्तारण के लिए जानकारी मांगती है. वह समय से नहीं मिल पाती.

अधिकारी तलब होते हैं तो बताते हैं उन्हें कोर्ट के आदेश की जानकारी देर से मिली

सरकारी वकील कहते हैं कि आदेश की सूचना फैक्स से तुरन्त भेज दी गयी थी.

सही विभाग को तुरन्त सूचना मिलने से सरकार का ही फायदा है.

सरकार का रुख स्पष्ट होने से याचिका का त्वरित निस्तारण होगा. समय व धन भी बचेगा.