कानपुर। Ayodhya Case Verdict 2019 Live Updates अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने विवादित भूमि पर रामलला का दावा बरकरार रखा है। साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड को अलग से 5 एकड़ की वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया।

- फारूकी ने पीटीआई से कहा, 'हम मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। बोर्ड के पास इसे चुनौती देने की कोई योजना नहीं है।'

- राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में मुख्य वादकारियों में से एक उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि इसे चुनौती देने की कोई योजना नहीं है।

- फैसले के तुरंत बाद अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया में बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने दिल्ली में कहा था कि अयोध्या के फैसले में बहुत विरोधाभास है। हम रिव्यू पर विचार करेंगे क्योंकि हम फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि बाद में फोन पर पीटीआई से बात करते हुए जिलानी ने स्पष्ट किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा आयोजित की गई थी और उन्होंने इसके सचिव के रूप में प्रतिक्रिया व्यक्त की थी न कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील के रूप में।

- असदुद्दीन ओवैसी ने कहा - 'फैसले से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट वास्तव में सर्वोच्च है लेकिन अचूक नहीं है। हमें संविधान पर पूरा भरोसा है, हम अपने हक के लिए लड़ रहे थे, हमें दान के रूप में 5 एकड़ जमीन की जरूरत नहीं है। हमें इस 5 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को अस्वीकार करना चाहिए, हमें संरक्षण मत दीजिए।

- उमा भारती ने कहा - कोर्ट ने एक निष्पक्ष किंतु दिव्य निर्णय दिया है। मैं आडवाणी जी के घर में उनको मत्था टेकने आई हूं। आडवाणी जी ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने ऐसा किया। उन्हीं की बदौलत आज हम यहां तक पहुंचे हैं।'


- कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा - सुप्रीम कोर्ट का फैसला अा गया और हम राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं। इस निर्णय के चलते न सिर्फ मंदिर निर्माण के रास्ते खुलेंगे साथ ही बीजेपी और अन्य पार्टियों के लिए अब यह मुद्दा राजनीतिक नहीं रह जाएगा।

- सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी बोले - अगर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड सहमत होती है तो हम रिव्यू पिटीशन डालेंगे। यह हमारा अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट का नियम हमें इसकी इजाजत भी देता है।

- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा - सभी को सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार है और शांति बनाएं रखें।

- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा - यह एक ऐतिहासिक फैसला है। जनता से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें।

- अयोध्या केस के मुस्लिम पक्षकार इकाबल अंसारी ने कहा - 'मुझे खुशी है कि इस केस पर आखिर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आ गया। मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं।'

- अयोध्या फैसले के बाद बिहार सीएम नीतीश कुमार बोले - सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम सभी स्वागत करते हैं। सामाजिक सद्भावना के लिए जरूरी भी है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि अब इस मामले पर कोई विवाद न करें।

- सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा - हम फैसले का सम्मान करते हैं मगर इससे संतुष्ट नहीं है। हमें आगे क्या करना है इस पर विचार करेंगे।

 


- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया आदेश मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने के अंदर बनाए ट्रस्ट।

- सुप्रीम कोर्ट- मुस्लिमों को अलग मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जमीन दी जाए।

- सुप्रीम कोर्ट- मुसलमानों ने मस्जिद को छोड़ा नहीं था वहीं हिंदु राम चबूतरा की लगातार पूजा कर रहे थे और वह गर्भ गृह पर अपना दावा भी कर रहे थे।

- सुप्रीम कोर्ट- यह साक्ष्य मिला है कि अंग्रेजों के आने से पहले हिंदु सीता रसोई और राम चबूतरे की पूजा करते थे। दस्तावेज यह दिखाते हैं कि विवादित परिसर के बाहरी हिस्से पर हिंदुओं का कब्जा था।

- सुप्रीम कोर्ट- कानूनी आधार पर दिया जाएगा मालिकाना हक, न कि आस्था और विश्वास पर।

- सुप्रीम कोर्ट- हिंदुओं का यह मानना है कि श्रीराम गुम्बद के नीचे पैदा हुए। विश्वास एक व्यक्तिगत मामला है।

- सुप्रीम कोर्ट- हिंदू अयोध्या को श्रीराम की जन्मभूमि मानते हैं। यह उनकी धार्मिक भावना है जबकि मुस्लिम उसे बाबरी मस्जिद कहते हैं। हिंदुओं के विश्वास कि श्रीराम वहां पैदा हुए उसमें कोई विवाद नहीं।

- सुप्रीम कोर्ट- निर्मोही अखाड़े का दावा सिर्फ प्रबंधन से जुड़ा हुआ। पुरात्तव रिपोर्ट के आधार पर जो तर्क दिए गए उन्हें नकारा नहीं जा सकता क्योंकि एएसआई की विश्वसनियता शक से परे है।

- चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- हम लोगों की धार्मिक भावनाओं और विश्वास की कद्र करते हैं और संतुलन कायम रखेंगे।

- चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- बाबरी मस्जिद मीर बाकी ने बनाई थी। धार्मिक मामलों में कोर्ट का हस्तक्षेप ठीक नहीं।

- शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज। जिसमें उन्होंने 1946 में फैजाबाद कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

- अयोध्या विवाद पर आया पहला फैसला।

 


- केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला हाई लेवल मीटिंग में हिस्सा लेने गृहमंत्री अमित शाह के घर पहुंचे।

- बस पांच मिनट बाद आ जाएगा फैसला।

- अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाने वाले पांचों जज सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।

 


- सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई।

- चीफ जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के लिए घर से निकले।

 


- गृहमंत्री अमित शाह ने अपने घर पर बुलाई हाई लेवल सिक्योरिटी मीटिंग। एनएसए अजित डोवाल, आईबी चीफ अरविंद कुमार और कई सीनियर अधिकारी होंगे बैठक में शामिल।

- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोले- सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को मान्य होगा। इसको लेकर किसी तरह का विवाद नहीं। मैं सभी से अपील करता हूं कि माहौल को खराब न किया जाए। सद्भावना बनाए रखें।

- चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के कोर्ट रूम के बाहर वकील हुए जमा। पांच जजों की बेंच बस कुछ देर में सुनाने वाली है फैसला।

- विवादित जगह को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता। इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। शहर में फोर्सेज तैनात हैं। शहर में सबकुछ सामान्य है। हम अराजक तत्वों पर नजर बनाए रखे हैं। - अयोध्या डीएम अनुज कुमार झा

- फैसले से पहले अयोध्या में पैरामिलिट्री फोर्स की 60 कंपनियां, आरपीएफ, पीएसी और 1200 पुलिस कांस्टेबल की तैनाती की गई। इसके अलावा 250 सब इंस्पेक्टर, 20 डिप्टी एसपी और 2 एसपी भी तैनात किए गए हैं। वहीं डबल लेयर बैरेकेडिंग की है, सुरक्षा के लिए 35 सीसीटीवी और 10 ड्रोन कैमरे भी लगाए गए। - एडीजी यूपी पुलिस आशुतोष पांडेय

- अयोध्या में भक्तों को श्री राम लाल मंदिर में दर्शन की इजाजत। मंदिर जाने से किसी को नहीं रोका जा रहा। सभी माॅर्केट खुले हैं फिलहाल स्थिति सामान्य है।- एडीजी यूपी पुलिस आशुतोष पांडेय

- कर्नाटक के हुबली और धारवाड़ में धारा 144 लगाई गई। साथ ही शराब बिक्री पर लगा प्रतिबंध।

- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत दोपहर 1 बजे मीडिया को संबोधित करेंगे।

- एडीजी रैंक के अधिकारियों को भेजा गया अयोध्या।

 



- मध्यप्रदेश और कर्नाटक में भी आज स्कूल-काॅलेज बंद किए गए।

- डीजीपी मुख्यालय ने बरेली, अलीगढ़, संभल, अमरोहा, आजमगढ़, हापुड़, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, गोंडा, अंबेडकरनगर, बलरामपुर, बस्ती, बहराइच, मऊ, गाजीपुर समेत 21 जिलों को संवेदनशील घोषित किया है।

- डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि प्रदेश में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था है। गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी। उधर, संवेदनशील जिलों में खास सतर्कता बरतने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

- सीएम योगी आदित्यनाथ ने देर रात वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर शांति-व्यवस्था को बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।

- मेरठ में धारा 144 लागू, पुलिस यहां के संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए है। करीब 140 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। वहीं पुलिस की पांच टीमें सोशल मीडिया पर नजर रख रहीं।

 


- राजस्थान में भी शनिवार को सभी स्कूल-काॅलेज बंद किए गए

- उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू

अलीगढ़ में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा की गई बंद
अयोध्या मामले को लेकर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर शासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गया है। जहां जिलाधिकारियों को अप्रिय स्थिति में अफवाह फैलने से रोकने के लिये इंटरनेट सेवा को बंद कराने का अधिकार दिया गया है। अलीगढ़ में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। वहीं आगरा में शनिवार सुबह 9 बजे से इंटरनेट बंद हो जाएगा।

 

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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