रिमांड पर लिए गए बैंक ऑफ इंडिया के आरोपित चेस्ट अधिकारी ने पुलिस को दिया दांव

PRAYAGRAJ: चार करोड़ 25 लाख रुपये डकारने के मामले में रिमांड पर लिए गए बैंक ऑफ इंडिया के चेस्ट अधिकारी ने अपना मुंह नहीं खोला. आठ घंटे की पूछताछ में वह पुलिस को घुमाता रहा. किराए के आवास में पैसों को छिपा कर रखने की बात से भी वह मुकर गया. पुलिस उसके आवास पहुंची तो चौंकाने वाले हालात मिले. मंगलवार रात ही उसके परिजन कमरे में लगी एसी, टीवी आदि खोल ले गए थे. उसकी कार व बाइक भी पुलिस को गायब मिली.

साथियों का नाम भी नहीं कबूला

बैंक ऑफ इंडिया के चेस्ट अधिकारी विशिष्ट कुमार राम पर आरोप लगा है कि उन्होंने चेस्ट से 4.25 करोड़ रुपये निकाले और इसे अपने मित्रों को सूद पर उठा दिया. आडिट में मामला प्रकाश में आया तो हड़कंप मच गया. बैंक के शाखा प्रबंधक ने धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. विवेचना नीवां चौकी इंचार्ज सियाकांत चौरसिया को मिली थी. पुलिस तफ्तीश और आरोपितों की तलाश में थी. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही आरोपित विशिष्ट राम गायब था. मामला प्रकाश में आने से पूर्व वह सुलेमसराय के एक अपार्टमेंट में किराए पर रहता था. यह मकान रेहान अहमद के नाम है. जांच के लिए पुलिस अपार्टमेंट पहुंची तो पता चला कि रेहान सउदी में है.

आठ घंटे तक चली पूछताछ

कुछ दिन पहले विशिष्ट ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. सरेंडर के बाद कोर्ट से पुलिस ने रिमांड की गुहार लगायी. इस पर कोर्ट ने उसे आठ घंटे की रिमांड मंजूर की. बुधवार को धूमनगंज पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की. पुलिस ने रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट को बताया था कि विशिष्ट ने पैसा अपने अपार्टमेंट में ही रखना कुबूल किया है और वह बरामद करा सकता है. पूछताछ के बाद पुलिस के हाथ खाली ही रह गये. विशिष्ट ने अपने दो साथियों का नाम तक पुलिस को नहीं बताया.

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परिजन खोल ले गए कमरे से एसी

रिमांड पर लेने के बाद पुलिस आरोपित चेस्ट अधिकारी विशिष्ट राम को लेकर उसके आवास अपार्टमेंट भी पहुंचे. पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि विशिष्ट की पत्‍‌नी दो पुरुष व एक महिला के साथ मंगलवार रात आवास पर आई थी. वे लोग कमरे में लगी एसी सहित तमाम सामान खोलकर उठा ले गए. सारा सामान कहां गया इस पर भी विशिष्ट ने मुंह नहीं खोला.

जेल में पूछताछ में बताया था कि पैसा उसने अपने अपार्टमेंट में छिपा रखा है. इसी के आधार पर रिमांड मिली थी. आज वह मुकर गया.

-विजय कुमार सिंह,

इंस्पेक्टर धूमनगंज