हैदराबाद (एएनआई)। महिला कार्यकर्त्ता संध्या रानी ने शनिवार को कहा कि महिलाएं पुलिस हेल्पलाइन नंबर -100 पर आपात सहायता के लिए फोन करती हैं लेकिन कई बार जवाब नहीं मिलता है। बता दें कि हाल ही में तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने अपने बयान में कहा था कि महिला पशु चिकित्सक को पुलिस के पास फोन करना चाहिए था, इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संध्या ने कहा, 'ऐसी कई महिलाएं हैं जो आपातकालीन सहायता के लिए 100 नंबर डायल करती हैं, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है।इसपर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?'

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पीड़िता को ही ठहराया जाता है दोषी

संध्या ने आगे कहा, 'इस घटना से हर कोई स्तब्ध है। हम दर्द से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। लेकिन महिला पशु चिकित्सक की नृशंस हत्या के बाद, बहुत सारा दोष का खेल चल रहा है।' उन्होंने आगे कहा कि जब भी महिलाओं के खिलाफ अपराध की सूचना मिलती है, लोग पीड़िता को एक या दूसरे तरीके से दोषी ठहराना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा, 'महिलाएं रात में बाहर क्यों जा रही हैं? वे बाइक क्यों चला रहे हैं? हर तरह के सवाल सामने आते हैं।' महिला कार्यकर्ता ने कहा कि यह एक सांस्कृतिक समस्या है और लोगों की बहुत ही असंवेदनशील सोच है, जो महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार के अत्याचारों का कारण भी है।

क्यों हो रहे हैं इस तरह के अपराध?

संध्या ने कहा, 'सिदालगुट्टा में 30 वर्षीय एक अन्य महिला के साथ भी दुष्कर्म किया गया और उसे जला दिया गया। इस तरह के अपराध हो क्यों रहे हैं? क्योंकि किसी को चिंता नहीं है? लोग कुछ दिनों के लिए बात करते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं करते हैं। किसी को भी उसकी मर्जी के बिना किसी महिला को नहीं छूना चाहिए। किसी को किसी महिला को घूरना या हमला नहीं करना चाहिए, चाहे वह जो भी पहने।' बता दें कि महिला पशु चिकित्सक का जला हुआ शव गुरुवार को तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के शादनगर बाहरी इलाके में मिला। पुलिस ने शुक्रवार को महिला पशु चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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गृह मंत्री ने कहा, 100 नंबर पर करना चाहिए था डायल

गृह मंत्री ने शुक्रवार को कहा, 'घटना से हम दुखी हैं। तेलंगाना पुलिस अपराध को नियंत्रित करने के लिए सतर्क और कुशल है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षित होने के बावजूद, पीड़िता ने अपनी बहन को फोन किया और पुलिस हेल्पलाइन नंबर -100 नहीं डायल किया। अगर उसने पुलिस को फोन किया होता, तो उसे बचाया जा सकता था।'

Posted By: Mukul Kumar

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