आजकल लगता है किस रिलीजन के लोग कितने बच्चे पैदा करेंगे ये नेशनल डिस्कशन का हॉट टॉपिक बन गया है. तभी तो कोई चार बच्चे पैदा करने की बात कर रहा है तो कोई हर रिलीजन के लोगों को दो ही बच्चे पैदा करने की सलाह दे रहा है.


बीजेपी लीडर साक्षी महाराज के कंट्रोवर्शियल स्टेटमेंट के बाद अब शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने भी अपने स्टेटमेंट से नयी कंट्रोवर्सी स्टार्ट करने की प्लानिंग कर ली है. स्वरूपानंद का कहना है कि एक वाइफ और दो बच्चों का कानून देश के सभी रिलीजंस को फॉलो करने वालों पर इक्वली लागू होना चाहिए. वेडनेस डे को एमपी के छिंदवाड़ा में एक धर्मसभा के दौरान उन्होंने ये स्टेटमेंट दिया. शारदा पीठ के शंकराचार्य का कहना है कि ज्यादा बच्चे पैदा करने की बात करने से कोई फायदा नहीं है, ये कंपटीशन अब खत्म हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा पहले ही इंडिया की पाप्युलेशन इस समय करीब एक अरब 25 करोड़ है. अब भी अगर ज्यादा बच्चे पैदा करने के बारे में सोचा गया तो लोगों को रहने की जगह नहीं मिलेगी. बेहतर है बच्चे दो ही हों और वाइफ एक.
इस स्टेटमेंट के बाद फिर नया विवाद शुरू हो चुका है क्योंकि मुस्लिम्स में एक से ज्यादा वाइफ रखने का नियम सामान्य है और इसके चलते बच्चों की संख्या भी दो से ज्यादा हो सकती है. जाहिर है कि मुस्लिम कम्युनिटी ऐसे किसी भी कानून की बात को अपनी शरीयत में दखलंदाजी मानेगी. इसी टाइम स्वरूपानंद ने साई मामले में कहा कि वे साई के नाम पर पाखंड से व्यापार करने वालों को सर्पोट नहीं करते हैं. स्वरूपानंद का ये बयान कुछ दिन पहले बीजेपी एमपी साक्षी महाराज के कंट्रोवर्शियल स्टेटमेंट के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम दो और हमारे दो के नारे को हिंदू कम्युनिटी ने मान लिया पर इससे मुस्लिम कम्युनिटी को सेटिस्फेक्शन नहीं हुआ. फिर नारा आया की हम दो हमारे एक. इस तरह हमारी पाप्युलेशन घटने लगी. साक्षी यहीं नहीं रुके उन्होंने पिछली यूपीए सरकार को लपेटते हुए कहा कि उन्होंने मुस्लिम कम्युनिटी का दिमाग खराब कर दिया है और गे मैरिज को बढ़ावा दिया है. इसलिए अब वो चाहते हैं कि हिंदू फेमिलीज कम से कम चार बच्चे पैदा करें जिसमें से एक साधु महात्माओं को दे दें और एक सीमा पर भेज दें और दो को परिवार के लिए रखें.

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Posted By: Molly Seth