लेदर की डोरियों से बुनी सफलता की कहानी करोड़ों तक पहुंचा तीन हजार का बिजेनस

2017-09-26T15:27:53Z

'प्रेरणा’दायक है किया एक कमरे से 22 देशों का सफर। कई नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित हो चुकी हैं कानपुर की प्रेरणा वर्मा।

vishesh.shukla@inext.co.in

जिद हो, जुनून हो और जज्बा हो तो कोई छोटी उम्र में भी बड़ी सफलता पा सकता है। कानपुर में रहने वाली प्रेरणा भी एक ऐसा ही नाम है, जिन्होंने अपनी इनोवेटिव सोंच से न सिर्फ फर्श से अर्श तक सफर तय किया, बल्कि कई नेशनल अवार्ड भी अपने नाम किए। मात्र 12 साल पहले घर के एक कमरे से लेदर कार्ड का काम शुरू करने वाली प्रेरणा अब दुनिया के करीब 22 देशों में अपने प्रोडक्ट का बिजनेस करती हैं।

 

पढ़ाई की उम्र में नौकरी

प्रेरणा बताती हैं कि पारिवारिक मजबूरी ने उन्हें पढ़ाई करने की छोटी सी उम्र में नौकरी करने पर विवश किया। पिता के न होने पर मां ने ही उन्हें संभाला। प्रेरणा सिर्फ हाईस्कूल में ही थीं जब उन्हें नौकरी करनी पड़ी। पहले स्कूल जाना, फिर ट्यूशन पढ़ाना और फिर नौकरी पर भी जाना। कुछ इस तरह बीता प्रेरणा का बचपन। करीब 6 साल तक नौकरी करने के बाद प्रेरणा ने लेटर इंडस्ट्री में काम करने का मन बनाया। किसी के साथ काम भी शुरू किया। लेकिन कुछ ही दिनों में खुद को ठगा महसूस किया। फिर जिद की कि अब अपना काम करना है और लोगों को दिखाना है कि हां मैं न सिर्फ खुद के दम पर कुछ करके दिखा सकती हूं, बल्कि लोगों को भी प्रेरणा दे सकती हूं।

 

इनोवेटिव सोच से बनाया मुकाम

इसके बाद कानपुर में अपने घर के एक कमरे से ही प्रेरणा ने कुल 3000 की जमा पूंजी के साथ लेदर का काम शुरू किया। वैसे तो लेदर इंडस्ट्री बहुत बड़ी है, लेकिन प्रेरणा ने यहां अपनी इनोवेटिव सोच का सहारा लिया। लेदर जूलरी और अन्य एक्सपोर्ट आइटम के लिए लेदर कार्ड बनाने का काम। हाथ की कारीगरी के साथ। कड़ी मेहनत और विश्वास के साथ प्रेरणा इस कदर आगे बढ़ती रहीं कि फिर पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा। एक कमरे से शुरू हुआ बिजनेस अब फैक्ट्री तक पहुंच चुका है। तीन हजार से शुरू हुआ बिजनेस आज करोड़ के टर्नओवर को पार कर गया।


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इनोवेशन के लिए मिले अवार्ड

वैसे तो प्रेरणा ने सफलता के कई आयाम छुए।  उन्हें दर्जनों अवार्ड भी मिले। लेकिन सबसे खास बात यह है कि उन्हें पांच बार नेशनल लेवल पर अवार्ड मिला। 2015, 2016, 2017 तीन साल उन्हें लगातार इनवोशन कैटेगरी में नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा भी नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल और स्टेट गवर्नमेंट भी उन्हें अवार्ड से सम्मानित कर चुकी है। इस साल ही प्रेरणा को साउथ कोरिया में हो रही इंटरनेशनल वर्कशॉप में भारत सरकार की ओर जाने का मौका मिला।


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विदेशों में है अच्छी डिमांड

अच्छी क्वालिटी के कारण सम्मान पा चुकीं प्रेरणा के प्रोडक्ट की डिमांड ज्यादातर विदेशों में ही है। प्रेरणा करीब 80 परसेंट प्रोडक्शन विदेश में सप्लाई करती हैं। उनके प्रोडक्ट की डिमांड अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, पोलेंड, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका समेत करीब 22 देशों में है।

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Posted By: Chandramohan Mishra

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