मर्डर और लूट के आरोपी थाने की दीवार काट कर लाॅकअप से फरार

2019-06-12T09:58:14Z

हत्या और लूट के मामलों में पूछताछ के लिए लाये गये सात संदिग्ध आरोपित सोमवार की आधी रात के बाद लॉकअप की जर्जर दीवार काटकर भाग निकले

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PRAYAGRAJ : हत्या और लूट के मामलों में पूछताछ के लिए लाये गये सात संदिग्ध आरोपित सोमवार की आधी रात के बाद लॉकअप की जर्जर दीवार काटकर भाग निकले. सुबह इसका पता चला तो पुलिस अफसर सन्नाटे में आ गये. पब्लिक थाने पर डट गयी. पुलिस बचाव की मुद्रा में आ गयी. इस घटना से रात में गश्ती करने वाला पुलिस दल कटघरे में खड़ा हो गया है. अफसर फिलहाल इस मामले में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं.

मारकर लटका दिया था बॉडी
करनाईपुर के रहने वाले कन्हैया लाल की बॉडी 1 जून को पूर्व माध्यमिक विद्यालय की खिड़की से लटकती हुई मिली थी. वह चार भाइयों में सबसे छोटा था. वह 31 की रात घर से निकला था. बॉडी जिस पोजीशन में पायी गयी थी, उससे हत्या की आशंका जतायी गयी. एक्चुअली जिस खिड़की से कन्हैया की बॉडी लटकायी गयी थी उसकी ऊंचाई इतनी थी ही नहीं कि कोई फांसी पर लटक सके. भाई हजारी लाल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी थी. सूत्रों का कहना था कि शक के आधार पर पुलिस ने अनिल कुमार पुष्पाकर, कृष्ण कुमार, राजू यादव, वसीम और दीपक यादव को पूछताछ के लिए उठाया था. इन्हें थाने के लॉक अॅप में रखा गया था.

सात जून को लूट में शामिल थे तीन
बहरिया थाने के लॉकअॅप में मर्डर के पांच आरोपियों के साथ तीन अन्य लोगों का रखा गया था. इसमें से एक का नाम मनोज यादव, दूसरे का रामू बताया गया है. तीसरे के नाम को लेकर पुलिस खुद कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थी. पुलिस इन तीनों को सात जून को कपसा में हुई बाइक लूट के मामले में पूछताछ के लिए उठाया था. सोमवार की रात इस लॉकअॅप में कुछ आठ लोग मौजूद थे. इसमें से सिर्फ एक वसीम मंगलवार की सुबह यहां मौजूद मिला.

एसपी गंगापार पहुंचे थाने
जिस लॉकअप में आठों को रखा गया था उसके पीछे की दीवार बेहद जर्जर थी. इसमें बंद लोगों ने पीछे की दीवार की ईट निकालकर निकलने भर की जगह बनायी और सात भाग निकले. लॉकअप का ताला जस का तस बंद रहा. सुबह इसका पता चला तो गश्ती दल के साथ ही थाने की पुलिस सकते में आ गयी. छानबीन में कटी हुई दिवार दिखी तो आनन-फानन में उसे बंद करवा दिया गया. इसकी सूचना मिलने पर स्थानीय लोग थाने पर पहुंच गये. उन्होंने पुलिस की लापरवाही को कोसा. पब्लिक के थाने पहुंचने की सूचना मिलने पर दोपहर में एसपी गंगापार भी मौके पर पहुंच गये. उन्होंने भी पुलिस से फीडबैक लिया.

दाखिल नहीं किया था किसी को
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने पूछताछ के लिए तो आठ लोगों को उठाया था और उसे लॉकअॅप में भी रखा था लेकिन थाने की जीडी में किसी एक की इंट्री नहीं थी. नियमानुसार लॉक अॅप में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की जीडी में इंट्री होना अनिवार्य है. इंवेस्टिगेशन टीम ने इस स्तर पर लापरवाही बरती तो रात में गश्ती करने वाली टीम की लापरवाही का आलम यह रहा कि आठ में से सात लोग लॉकअॅप की दीवार की ईट निकालकर भाग निकले और किसी को पता ही नहीं चला.

दो मामलों में सात लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया था. सीओ फूलपुर ने रिपोर्ट दी है. जिन अफसरों पर इनके निगरानी की जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
-आशुतोष मिश्रा एसपी क्राइम

पुलिस को चुनौती देने वाली घटनाएं

2001
नैनी जेल से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेशी के लिए लाए जा रहे पांच बंदी बैरहना के निकट जेल वैन में फर्श की चादर काटकर फरार हो गए. इस घटना में फरार हुए दो अपराधियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था. बाद में तीन अन्य पकड़ लिये गये

2009
जौनपुर में पेशी के बाद ट्रेन से इलाहाबाद लाया जा रहा शातिर अपराधी नीरज सिंह फूलपुर इलाके में दो सिपाहियों को गोली मारने के बाद फरार हो गया.

2013
नैनी सेंट्रल जेल से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेशी के लिए लाते वक्त बालसन चौराहे के पास प्रिजन वैन का गेट खोलकर दस शातिर अपराधी हो गये फरार.

2015
शातिर अपराधी गदऊ पासी खुल्दाबाद स्थित माइनर कोर्ट के पास पुलिस वालों को गच्चा देकर हथकड़ी समेत भागा. उसे मिर्जापुर से पेशी पर लेकर पुलिस पहुंची थी. गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था. पिछले साल वह सरेंडर करके जेल चला गया.

2018
सोनभद्र की जेल से हिमांचल प्रदेश पेशी पर ले जाने के दौरान वीजा में फेराफेरी व भारतीय नागरिक से मारपीट के आरोपी जर्मनी नागरिक हेरिक धूमनगंज क्षेत्र में ट्रेन से कूद कर भागा.


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