देश में मोदी सरकार को सत्ता में लाने के बाद अच्छे दिन चाहने वाले लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. देश में नई सरकार ने आते ही पहले रेल पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ा दिए हैं. एक आम आदमी के जीवन में महंगाई को लेकर इन तीनों चीजें के दाम सबसे बड़े मुद्दों में से एक हैं और मोदी सरकार ने आते ही इन्हीं चीजों की कीमतों पर बढ़ोतरी की है.


एक और कड़वी दवाबजट आने से एक हफ्ता पहले ही मोदी सरकार ने अपनी कड़वी टेबलेट खिलानी शुरु कर दी है. पहले रेल यात्री किराये में बढ़ोतरी, फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और अब गैस सिलेंडर भी महंगा हो गया है. अब नॉन सब्सिडाइज्ड गैस सिलेंडर की कीमतों में 16.50 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा किया गया है. इसके साथ जेट ईधन(एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों में 0.6 परसेंट का इजाफा किया गया है. हालांकि माना जा रहा है इराक में जारी संकट की वजह से डीजल-पेट्रोल व गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है.नॉन सब्सिडाइज्ड में बढ़ोतरी
गौरतलब है कि सोमवार शाम को पेट्रोल के भाव में 1.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए थे. अब नॉन सब्सिडाइज्ड सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं, जिसे ग्राहक 12 सिलेंडर का सब्सिडी का कोटा खत्म हो जाने के बाद लेते हैं. वहीं इस बढ़ोतरी के साथ पिछले छह महीनों में पहली बार गैस सिलेंडर के भाव बढ़ाए गए हैं. दिल्ली में नॉन सब्सिडाइज्ड गैस सिलेंडर की कीमत 922.50 रुपये होगी. वहीं, सब्सिडाइज्ड सिलेंडर की कीमत 414 रुपये प्रति सिलेंडर है. डीजल कीमतों में बढ़ोतरी होने से तेल कंपनियों को डीजल पर संभावित घाटे में 45 हजार करोड़ रुपये की कमी हुई है. जबकि पेट्रोल की कीमत को पहले ही बाजार आधारित किया जा चुका है.छह महीने से हो रही थी कटौतीलोकसभा चुनाव में बुरी तरह हार झेलने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने फरवरी से गैस की कीमतों में कटौती करना शुरू किया था. फरवरी में नॉन सब्सिडाइज्ड गैस सिलेंडर की कीमत 107 रुपये कम कर के 1134 रुपये प्रति सिलेंडर की गई थी. मार्च में गैस की कीमत 53.50 रुपये कम कर के 1080.50 रुपये प्रति सिलेंडर की गई थी और अप्रैल में 100 रुपये कम कर के इसे 980.50 रुपये प्रति सिलेंडर किया गया था. वहीं मई में भी सिलेंडर के दाम 52 रुपये घटाए गए थे.

Posted By: Subhesh Sharma