बीएचयू में मिलेगी बेहतर जांच की सुविधा

2014-11-11T07:00:22Z

-हेल्थ मिनिस्ट्री ने IMS में तीन नये हाईटेक लैब शुरू करने की दी मंजूरी

VARANASI: पूर्वाचल के एम्स एसएस हॉस्पिटल बीएचयू की कोशिश अपने यहां आने वाले परेशान हाल पेशेंट्स के चेहरों पर मुस्कान देने की है। इसी क्रम में बीएचयू ने नई पहल की है। अब यहां विभिन्न तरह के वायरल बीमारियों की जांच के लिए अल्ट्रा मॉडर्न हाईटेक लैब स्थापित करने की तैयारी है। देश में वायरल डायग्नोस्टिक क्षेत्र में काम कर रहे लैब को और बेहतर बनाने के लिए सेंट्रल हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से बीएचयू में नया लैब शुरू किया जा रहा है।

वायरस की पहचान भी

हेल्थ मिनिस्ट्री ने आईएमएस बीएचयू में तीन हाईटेक लैब्स को शुरू करने की मंजूरी दी है। इसके लिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च की ओर से एक परमीशन लेटर भी आईएमएस को प्राप्त हो गया है। इसमें तीन कैटेगरीज में तीन लैब शुरू करने की योजना है। पहले कैटेगरी में बीएसएल-फ् लैब जिसमें सेरोलाजी, टीश्यू कल्चर, वाइरस आइसोलेशन, पीसीआर आदि जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां विभिन्न तरह के संक्रामक रोग पैदा करने वाले वायरस की पहचान की जा सकेगी। दूसरे कैटेगरी में बीएसएल-ख् प्लस लैब बनेगा। यहां वायरस कल्चर की सुविधा उपलब्ध होगी। तीसरे कैटगरी में मेडिकल कॉलेज लेबोरेटरी बीएसएल-ख् लैब होगा जिसमें एलाइजा बेस्ड डायग्नोसिस की व्यवस्था होगी।

मिलेगा बेहतर लाभ

बीएचयू को ये तीनों लैब यहां उपलब्ध बेहतर व्यवस्था के चलते मिली है। हेल्थ मिनिस्ट्री का मानना है कि बीएचयू में इन लैब्स के शुरू होने से पूर्वाचल के साथ आसपास के लोगों को भी इसका बेहतर लाभ मिल सकेगा। आईएमएस के डायरेक्टर प्रो। ने बताया कि बीएचयू में पहले से बहुत सी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं।


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