रिसर्च और पेटेंट पर आईआईटी पटना भी होगा बेहतर

Updated Date: Wed, 01 Jul 2020 05:36 PM (IST)

- आईआईटी पटना के नए निदेशक होंगे प्रो। पीके जैन

- आईआईटी पटना के नए कैंपस को स्थापित करने में प्रो। पुष्पक ने निभायी अहम भूमिका

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आईआईटी पटना की इस बार की एनआईआरएफ रैंकिंग पहले से थोड़ी कम हुई है। यह 2016 में 10 जबकि वर्ष 2020 में 26 हो गया। अन्य आईआईटीज की तुलना में इस आईआईटी के सामने कई चुनौतियां भी है। इन सभी पर आईआईटी पटना के वर्तमान डायरेक्टर प्रो। पुष्पक भट्टाचार्य ने खुलकर बात की। वे 30 जून को अपने पद से रिटायर हुए और उनका स्थान आईआईटी बीएचयू के डायरेक्टर प्रो। पीके जैन लेंगे। प्रो। पुष्पक ने बताया कि रैंकिंग में अन्य आईआईटी से बहुत ज्यादा अंतर नहीं था। लेकिन रिसर्च क्राइटेरिया और पेटेंट आदि के मामले में संस्थान का प्रदर्शन कम रहा। इस वजह से रैंकिंग पर असर पड़ा। अब समय है कि इसके उपर पूरा फोकस कर रैंकिंग को बेहतर किया जाए।

एकेडमिक वर्क में दिखा सुधार

प्रो। पुष्पक भट्टाचार्य ने बताया कि आईआईटी पटना को नए सिरे से एक बेहतर पहचान दिलाना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन वक्त के साथ टेक्नोलाजी के प्रयोग से तमाम ऐसे काम किए गए जिससे एकेडमिक वर्क में जबरदस्त सुधार भी दिखा। कई मास्टर्स प्रोग्राम और डूअल डिग्री भी शुरू किए गए। खास तौर पर बीते पांच साल में कई नए टेक्निकल कोर्सेज की लांचिंग की गई। यहां 360 एकड़ के नए कैंपस में स्थापना के साथ ही इसके एकेडमिक ग्रोथ की भी नींव डाली गई।

ऑनलाइन से महामारी के प्रभाव को कम किया

प्रो। पुष्पक ने बताया कि कई प्लान थे जो पूरे नहीं हुए। अचानक से कोरोना आउटब्रेक की वजह से इसपर असर पड़ा। लेकिन इसका तुरंत ही उपाय निकाला गया। परीक्षाएं ऑनलाइन ली गईं। प्लेसमेंट वर्क भी ऑनलाइन की गई। उन्होंने बताया कि एक साथ तीन हजार स्टूडेंट्स, तीन सौै फैकल्टी मेंबर्स और 330 स्टाफ को एक साथ आगे लेकर चलने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि यहां व‌र्ल्ड क्लास टीचर्स हैं और उन्होंने कई स्तरों पर एकेडमिक वर्क को महामारी से प्रभावित होने से बचाया।

ऐसे हुए एकेडमिक वर्क

जहां एक ओर महामारी की वजह से कई जगहों पर पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित हुए, वहीं आईआईटी पटना को इससे बिल्कुल भी प्रभावित होने नहीं दिया गया। इसके लिए तीन अप्रैल से ही आगे क्लास और एग्जाम कराने का पैटर्न तय कर लिया गया। क्लास ऑनलाइन कराई गई तो परीक्षा भी ऑनलाइन कराने के लिए सभी बाधाओं को दूर किया गया। यह पहला मौका था जब स्टूडेंट्स टीचर की अनुपस्थिति में एग्जाम दे रहे थे।

टीचर्स ने दिया फेयरवेल

सोमवार को आईआईटी पटना के डायरेक्टर प्रो। पुष्पक भट्टाचार्य को टीचर्स ने विदाई दी। इस मौके पर कई डिपार्टमेंट के टीचर्स उपस्थित रहे। सभी ने इस खास मौके पर शुभकामनाएं दी। प्रो। पुष्पक ने बताया कि वे आईआईटी बॉम्बे में बतौर प्रोफेसर अपनी सेवाएं देंगे। जानकारी हो कि प्रो। पुष्पक कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर रहे हैं।

Posted By: Inextlive
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