फेल होकर भी पीठ थपथपा रहे अफसर शहर में अब भी गंदगी का अंबार

2019-03-08T06:00:10Z

- नगर निगम बोला हमारा रिजल्ट काफी अच्छा था

-शहर भर में लगे हैं गंदगी के ढेर, अफसर बोले छुट्टी पर थे कर्मचारी

बरेली -

स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में हमारा बरेली शहर फेल हो गया, लेकिन नगर निगम के अफसरों को इसका कोई मलाल नहीं है, बल्कि वह स्वच्छ सर्वेक्षण में 117 वीं रैंक पर आकर भी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि यदि नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था पर ध्यान देता और शहर में सही ढंग से सफाई कराई जाती तो हमारा शहर भी इस सर्वेक्षण में पास हो सकता था। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान का कहना है कि पूरा नगर निगम इस रैंक से बेहद खुश है। क्योंकि इतनी कॉम्पटीशन में 117वीं रैंक लाना भी बड़ी बात है। हालांकि शहर की जनता इस बात को भी जानती है कि नगर निगम इस बार 117वीं रैंक कैसे लेकर आया। दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने अपनी खबर अपनी गंदगी छिपाने के लिए नगर निगम ने की गंदी बात के माध्यम से खुलासा भी किया था।

शहर में कूड़े के अलावा कुछ और नहीं है

वेडनसडे को स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 का रिजल्ट आने के बाद जब हमने थर्सडे को शहर की सफाई व्यवस्था को चेक किया तो पूरे शहर में गंदगी पसरी दिखाई दी। हर जगह सिर्फ कूड़े के ढेर ही ढेर दिखाई दे रहे थे। आइए बताते है कि हमने शहर के किन किन इलाकों में रियल्टी चेक किया और वहां के हालात क्या थे

पुराना शहर की हालत खराब

सबसे पहले हमारी टीम पुराना शहर के मोहल्ला सूफी टोला पहुंची तो वहां रोड पर ही कूड़े का ढेर लगा था। लोग उस कूड़े के पास से नाक बंद करके निकलने को मजबूर हैं।

लोग भी जिम्मेदारी नहीं लेते है

इसके बाद हम शहर के श्यामगंज से सैलानी रोड पर पहुंचे तो वहां भी कूड़े का ढेर मिला। कुछ देर यहां रुके तो कई लोग उसी ढेर पर कूड़ा फेंकते नजर आए। इससे साफ है कि शहर को साफ सुथरा रखने को लेकर न तो नगर निगम गंभीर है और न ही शहर के लोग शहर को साफ रखना चाहते हैं।

यहां हर समय जलभराव

श्यामगंज से हमारी टीम मोहल्ला हजियापुर पहुंची। यहां के हालात इतने खराब हैं कि कुछ देर भी रुक पाना मुश्किल है। मोहल्ले की मेन रोड पर ही गंदा पानी भरा है। आलम यह है कि पैदल चलने वालों तक के लिए रास्ता नहीं बचा है। बावजूद इसके यहां लोग रहने को मजबूर हैं। मोहल्ले के ये हालात बारिश से नहीं हुए बल्कि यहां हर समय जलभराव बना रहता है। वजह है कि यहां गंदे पानी की निकासी के लिए सही इंतजाम ही नहीं हैं। इसके चलते यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

वर्जन

आज तो सभी सफाई कर्मचारियों की छुट्टी थी। क्योंकि उन्होने महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में संडे को काम किया था। जिसकी वजह से आज सभी कर्मचारी छुट्टी पर थे। जिसकी वजह से शहर में गंदगी दिखाई दे रही है।

संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.