भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के फिजी पहुंचने पर पीएम मोदी के स्‍वागत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तनाव पैदा हो गया है. पिछले 33 सालों में पीएम मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्‍होंने फिजी की यात्रा की है. इससे पहले पूर्व पीएम इंदिरा गांधी फिजी गई थीं.

फिजी में मोदी के स्वागत पर बवाल
पीएम मोदी के मंगलवार को फिजी पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया. लेकिन इस स्वागत समारोह में फिजी की संसद पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव पैदा हो गया है. गौरतलब है कि पिछले 33 सालों में नरेंद्र मोदी पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने फिजी की यात्रा की है. अपनी यात्रा में मोदी फिजी की संसद के एक विशेष सत्र को संबोधित करेंगे. लेकिन फिजी की विपक्षी पार्टी ने इस सत्र को जॉइन करने से इंकार कर दिया है. इस बारे में फिजी के विपक्षी दल सोदेपला के नेता रो तीमुमु केपा ने कहा कि सरकार ने उनकी पार्टी को वोट ऑफ थेंक्स अदा करने देने का अवसर देने को कहा था. इसके बाद सरकार अपने वादे से मुकर गई. इसलिए उनकी पार्टी पीएम मोदी के स्पेशल संसद सत्र के दौरान अनुपस्थित रहेगी.

नही निभाई संसदीय परंपरा

सोदेपला के नेता रो तीमुमु केपा ने सत्तापक्ष के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने संसदीय परंपरा के विपरीत जाकर निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि संसदीय मानकों के आधार पर प्रधानमंत्री स्वागत करते हैं और संसद का विपक्षी दल वोट ऑफ थेंक्स अदा करते हैं. लेकिन सरकार ने इस परंपरा को तोड़ दिया. इसके साथ ही पीएम मोदी के स्वागत समारोह से भी प्रमुख लोगों को अलग रखा गया.

सरकार ने कहा बहुत निराशाजनक

इस विवाद के संबंध में फिजी सरकार ने कहा कि विपक्ष का रवैया काफी निराशाजनक है. सरकार ने कहा कि यह एक राजनीतिक कार्यक्रम ना होकर राष्ट्रीय कार्यक्रम है. फिजी सरकार ने कहा देश के पास दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी के सबसे बड़े नेता के साथ इंगेज होने का मौका है. उन्होंने कहा कि यह बात अहम है कि यह देश फिजी के भविष्य के लिए काफी अहम है. इसलिए यह काफी निराशाजनक है.

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Posted By: Prabha Punj Mishra