अपनी नापाक हरकतों के बावजूद कुछ न कर पाने वाला पाकिस्‍तान इस समय हड़बड़ाया हुआ सा है. तभी तो पहले भारत-पाक सीमा पर फायरिंग करवाई और उसके बाद अशांति का ठीकरा भारत के सिर मढ़ा. इन सबसे भी जब भारत को उकसा नहीं पाया तो अब एक बार फ‍िर जा पहुंचा है अंतरराष्ट्रीय मंच पर और यहां पहुंचकर एक बार फ‍िर रो रहा है कश्‍मीर का रोना.

पाक पीएम पहुंचे अमेरिकी सिनेटरों के पास  
रविवार की रात भर संघर्ष विराम के बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले से लगे नियंत्रण रेखा पर फिर से गोलीबारी शुरू कर दी. इधर सीमा पार से गोलीबारी चल रही थी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अमेरिकी सेनेटरों से मिलकर कश्मीर मुद्दे का राग अलाप रहे थे.
'गोलीबारी का देना पड़ा जवाब'
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना किसी उकसावे के भारतीय रिहायसों को निशाना बनाया. पाकिस्तानी हमले की जवाबी कार्रवाई में भारत की ओर से भी गोलीबारी की गई. गोलीबारी में एक महिला जख्मी हो गई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान की सेना ने नियंत्रण रेखा पर फिर से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और पुंछ जिले के साबजियान इलाके में स्थित भारतीय सैन्य ठिकानों पर सोमवार को स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की.
अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान द्वारा बिना किसी उकसावे के की गई गोलीबारी का भारत ने भी गोलीबारी से जवाब देना शुरू किया. आखिरी समाचार मिलने तक दोनों ओर से गोलीबारी जारी है. जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर तथा दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रविवार रात भर संघर्ष विराम रहा, लेकिन पाकिस्तान ने सोमवार को फिर से संघर्षविराम का उल्लंघन किया.
क्या रही अमेरिकी सिनेटरों से बातचीत   
आपको बता दें कि पाकिस्तान 6 अक्टूबर से ही भारत के बसावट वाले इलाकों को निशाना बनाकर लगातार गोलीबारी कर रहा है. इस दौरान 8 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है और 62 अन्य घायल हुए हैं. सीमावर्ती गांवों के करीब 30,000 लोगों को शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को अमेरिकी सेनेटरों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाया और कहा कि इसका हल संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप होना चाहिए. शरीफ ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच आगे बढ़ने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है. उन्होंने अमेरिकी सेनेटरों टिम कैने और एंगस किंग से मुलाकात की. दोनों सशस्त्र सेवा संबंधी सीनेट की समिति के सदस्य हैं. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि शरीफ ने दोनों सांसदों से कहा, कश्मीर के लिए किसी भी हल का आधार संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव होने चाहिए और कश्मीर के लोगों को इसका हिस्सा बनाया जाना चाहिए. बयान के अनुसार, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कहा कि वह अपने प्रस्तावों का सम्मान करे. उन्होंने कहा कि कश्मीर का एकमात्र स्वीकार्य हल वही होगा जिसका पाकिस्तान, भारत और कश्मीरी लोग सहित विभिन्न पक्ष समर्थन करते हों.
शरीफ ने जताई निराशा
शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तरीय वार्ता रद्द होने पर निराशा जतायी. उन्होंने भाशा और दासू बांधों के संबंध में अमेरिकी समर्थन की सराहना की. उन्होंने अमेरिकी सेनेटरों को बताया कि आर्थिक संकेतकों के मामले में पाकिस्तान की स्थिति सुधरी है. उन्होंने अमेरिका मे पाकिस्तानी उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच के संबंध में भी चर्चा की. इससे पहले पाकिस्तान विदेश कार्यालय के अनुसार सेनेटरों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश मामलों में प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया. इनमें अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंध और क्षेत्रीय स्थिति शामिल हैं. अजीज ने नियंत्रण रेखा पर स्थिति के कारण भारत के साथ तनाव को लेकर पाकिस्तान की चिंता जाहिर की.
'आतंकवाद पर काबू के लिए पाक के प्रयासों को सराहा'
बयान में कहा गया है कि उन्होंने (अजीज) पड़ोस में शांति के लिए सरकार (पाकिस्तानी) के रुख को रेखांकित किया और नियंत्रण रेखा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर अपनी चिंता जतायी. इसमें कहा गया है कि सेनेटरों ने आतंकवाद पर काबू के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की. वे इस बात पर भी सहमत हुए कि आतंकवाद के मूल कारणों का हल किया जाना चाहिए. अजीज ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर भारत के साथ सीमा पर तनाव को कम करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था.

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Posted By: Ruchi D Sharma