गिरिराज और प्रभुनाथ को मिली अग्रिम ज़मानत

2014-04-25T13:46:01Z

भाजपा नेता और बिहार के पूर्व मंत्री गिरिराज सिंह को पटना की एक अदालत ने अग्रिम ज़मानत दे दी है

उन पर झारखंड के देवघर ज़िले में आयोजित एक चुनावी रैली में भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पटना के ज़िला और सत्र न्यायालय के जज वीरेंद्र कुमार ने  गिरिराज सिंह को पटना के हवाई अड्डा पुलिस थाने में दर्ज एफ़आईआर मामले में अग्रिम ज़मानत दी है.

गिरिराज पर देवघर ज़िले में 19 अप्रैल को आयोजित चुनावी जनसभा में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जनप्रतिनिधि क़ानून और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
चुनाव आयोग के निर्देश पर पटना ज़िले के अधिकारियों ने यह मामला दर्ज कराया था.  गिरिराज सिंह ने पटना हवाई अड्डे पर झारखंड में दिए अपने बयान का बचाव किया था.
भड़काऊ भाषण
गिरिराज सिंह ने जनसभा में कथित तौर पर कहा था कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी का विरोध करने वालों को पाकिस्तान जाना पड़ेगा.
उनके इस बयान पर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी. इस पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने गिरिराज सिंह के बिहार और झारखंड में चुनाव प्रचार करने पर पाबंदी लगा दी थी. गिरिराज सिंह प्रदेश की नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके हैं.
उनके वकील जनार्दन राय ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल ने कारण बताओ नोटिस का जवाब सक्षम अधिकारी को दे दिया है. इसमें उन्होंने कहा है कि उनकी टिप्पणी किसी ख़ास जाति या समुदाय को लेकर नहीं थी.
गिरिराज सिंह के इस भाषण के ख़िलाफ़ देवघर, बोकारो और पटना में एफ़आईआर दर्ज कराई गई थी.
उनके ख़िलाफ़ बोकारो की एक अदालत ने  ग़ैर जमानती वारंट जारी कर रखा था और उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए बोकारो पुलिस की एक टीम गुरुवार को पटना आई थी.
बोकारो और बिहार पुलिस की एक टीम ने गुरुवार को गिरिराज सिंह के घर पर छापा मारा था. लेकिन वो वहां नहीं मिले थे.
पुलिस के छापे के बाद गिरिराज ने पटना की एक अदालत में अग्रिम ज़मानत के लिए अर्जी दायर की थी.
प्रभुनाथ सिंह को भी राहत
"छपरा के ज़िला और सत्र न्यायालय ने प्रभुनाथ सिंह की गिरफ़्तारी पर 19 मई तक के लिए रोक लगा दी है"
सुरेंद्र पांडेय, प्रभुनाथ सिंह के मीडिया प्रभारी
उधर, बिहार के महाराजगंज से राजद के निवर्तमान सांसद और उम्मीदवार प्रभुनाथ सिंह को छपरा की एक अदालत ने अग्रिम ज़मानत दे दी है. उनके ख़िलाफ़ छपरा की एक अदालत ने दो ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किए थे.
इससे बचने के लिए प्रभुनाथ सिंह ने छपरा की एक अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी.
उनके मीडिया प्रभारी सुरेंद्र पांडेय ने स्थानीय पत्रकार मनीष शांडिल्य को बताया कि छपरा के ज़िला और सत्र न्यायालय ने प्रभुनाथ सिंह की गिरफ़्तारी पर 19 मई तक के लिए रोक लगा दी है.
प्रभुनाथ सिंह पर ज़िला प्रशासन ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सारण में नामांकन दाखिल करने से पहले आयोजित एक जनसभा में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में 13 अप्रैल को छपरा के भगवान नगर पुलिस थाने में राजद्रोह का मामला दर्ज कराया था.
राबड़ी देवी के नामांकन दाखिल करते समय बैरिकेट तोड़ने के आरोप में छपरा के नगर थाने में 18 अप्रैल को उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया था.



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