राजस्‍थान में स्‍वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्‍य सरकार इमरजेंसी के मोड में आ गई है. राजस्‍थान में स्‍वाइन फ्लू से अब तक 27 लोग मौत के शिकार हो चुके हैं. इसके साथ ही 113 नए केस सामने आए हैं.


राजस्थान में स्वाइन फ्लू की दस्तकराजस्थान में जानलेवा वायरस स्वाइन फ्लू से 27 लोगों की मौत होने के बाद राजस्थान सरकार इमरजेंसी के मोड में आ गई है. राजस्थान में जनवरी मात्र में स्वाइन फ्लू वायरस से 27 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं इस वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या 113 तक पहुंच चुकी है. उल्लेखनीय है कि राजस्थान में जनवरी 2014 में स्वाइन फ्लू से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया था. इसके साथ ही 2014 में इस वायरस से कुल 34 लोगों की मौत हुई थी. लेकिन इस साल अब तक 113 मामलों का सामने आना राजस्थान में स्वाइनफ्लू के बढ़ते खतरे को दिखाता है. कहीं वायरस तो नहीं बदल गया


राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य और चिक्तिसा मंत्री राजेंद्र राठौर ने दिल्ली से नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एक्सपर्ट्स को बुलाकर स्वाइन फ्लू के सैंपल कलेक्ट करवाए है. गौरतलब है कि सरकार इन सैंपलों की जांच करके यह जानना चाहती है कि कहीं स्वाइन फ्लू का वायरस बदल तो नहीं गया है. क्योंकि राजस्थान में फिलहाल इस वायरस से संक्रमित मरीजों को तमीफ्लू नामक दवा दी जा रही है. इसके साथ ही यह दवा काम भी कर रही है. जुखाम और स्वाइन फ्लू के लक्षण

स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों के मामले में सबसे ज्यादा जरूरी बात यह है कि स्वाइन फ्लू और जुखाम के लक्षणों में कई समानताएं देखी जाती हैं. इस वजह से स्वाइन फ्लू से संक्रमित लोग सर्दी-जुखाम के धोखे में डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं. इसके साथ ही रूरल हेल्थ से जुड़े मामलों को देखने वाले डॉक्टर केसी मीणा ने कहा कि इस बार यह बीमारी किसी एक जिले में केंद्रित नहीं है बल्कि पूरे राज्य में फैल रही है. क्योंकि 32 जिलों से 25 स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं.

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Posted By: Prabha Punj Mishra