आईएसआईएस का बुरा बर्ताव इन दिनों महिलाओं और बच्‍चों पर कहर बरपा रहा है. आतंकी संगठन इनके साथ जानवरों से भी ज्‍यादा बद्तर व्‍यवहार कर रहा है. खासकर इराक के सिंजर में अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय की महिलाओं और बच्चियों के साथ. इसका खुलासा एमनेस्टी इंटरनेशनल की 'टॉर्चर सेक्शुअल स्लेवरी इन इस्लामिक स्टेट कैप्टिविटी इन इराक' रिपोर्ट से हुआ है.

क्या है रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में आतंकियों के चंगुल से भागकर आई महिलाओं ने आपबीती सुनाई है. रिपोर्ट 40 से भी ज्यादा सेक्स स्लेव बनाई गईं महिलाओं और लड़कियों के साक्षात्कार पर आधारित है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआईएस के आतंकी 12 साल से भी कम उम्र की बच्चियों और उनकी मां को गुलाम बनाते हैं. उनके बाल पकड़कर घसीटते हैं. कई लड़कियों ने स्वीकार किया कि उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. इससे तंग आकर अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय की महिलाओं और लड़कियों ने बड़ी संख्या में आत्महत्या भी की है.
उम्र, शिक्षा और वैवाहिक स्थिति के आधार पर होता है वर्गीकरण  
रिपोर्ट के अनुसार बीते पांच महीने में आईएसआईएस ने हजारों महिलाओं और किशोरियों का अपहरण किया है. इन्हें खुले बाजार में सेक्स स्लेव के तौर पर बेचा जा रहा है. इनकी बोली 1600 रुपये से शुरू होती है. उम्र, शिक्षा और वैवाहिक स्थिति के आधार पर महिलाओं का वर्गीकरण किया जाता है. खरीदने के बाद खरीददार का महिला पर पूरा हक हो जाता है. वह उसे मारता है, पीटता है और यौन प्रताड़ना देता है. साथ ही अपने दोस्तों के साथ साझा भी करता है. आईएसआईएस आतंकियों को भी ये महिलाएं बतौर इनाम दी जाती हैं.
ऐसा भी आया सुनने में
पूर्व यजीदी सांसद अमेना सईद ने बताया कि उन्होंने एक लड़की को छुड़वाया था. ऑस्ट्रेलियाई मूल के दो भाइयों ने बंदी बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. अमेना ने बताया कि वे लोग इस्लामी मूल के नहीं थे. वे गोरी चमड़ी और सुनहरे बालों वाले ऑस्ट्रेलियाई थे, जिन्होंने इस्लाम अपनाया था. उत्तरी इराक और सीरिया के सीमावर्ती इलाके में रहने वाला यजीदी समुदाय सदियों पुराना धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है. इस समुदाय की बड़ी आबादी वाले शहर सिंजर पर आईएसआईएस ने अगस्त में कब्जा कर लिया था.

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Posted By: Ruchi D Sharma