20 लाख में बिका था एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का पेपर लोक सेवा आयोग पहुंची एसटीएफ

2019-05-30T10:13:52Z

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 का पेपर आउट करने में शामिल लोगों के सरगना प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कर को वाराणसी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक का मोबाइल लिया कब्जे में, मचा रहा हड़कंप

पेपर छापने का ठेका था कोलकाता के प्रिंटिंग प्रेस को, मालिक को एसटीएफ ने वाराणसी में दबोचा

prayagraj@inext.co.in
PRAYAGRAJ: एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 का पेपर आउट करने में शामिल लोगों के सरगना प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कर को वाराणसी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में उसने एसटीएफ को कई राज बताए हैं. उसके पास से टीम ने तीन एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक मोबाइल व 2400 रुपए नकद एवं एक ट्राली बैग बरामद किया है.

नए अभ्यर्थियों की कर रहा था तलाश
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि अशोक चौधरी पुत्र स्व. ज्योतिष चंद्र चौधरी निवासी ए-1 शुकांतनगर सेक्टर चार साल्ट लेक सिटी कोलकाता ने शिकायत की थी. उसने अफसरों को बताया 28 जून 2018 को वाराणसी में यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिन्दी व सामाजिक विषय का पेपर आउट कराया गया था. एक साथ 50 अभ्यर्थियों को एक जगह बुलाकर पेपर पढ़ाया गया था. यह परीक्षा 29 जून 2018 को होनी थी. एसटीएफ की फील्ड इकाई वाराणसी ने उसे बुलाकर पूछताछ की.

परीक्षा से पहले वाराणसी में जमावड़ा
जांच में पता चला कि सभी अभ्यर्थी परीक्षा से एक दिन पूर्व 28 जून को वाराणसी के यूपी कॉलेज में जुटे थे. अभ्यर्थियों ने टीम को बताया कि अजय चौहान पुत्र त्रिवेणी सिंह चौहान व अजीत चौहान पुत्र राजदेव निवासीगण विधिपुर दुधवल सितमसराय मडि़याहूं जौनपुर तथा प्रभुदयाल निवासी गोराबाजार कोतवाली गाजीपुर ने अभ्यर्थियों को 20-20 लाख रुपए में परीक्षा पास कराने की जिम्मेदारी ली थी. सभी को कौशल विकास केंद्र ले जाया गया. जहां अशोक देव चौधरी, रंजीत प्रसाद, संजय, गणेश, शैलेंद्र, अजीत चौहान, प्रभुदयाल ने दोनों प्रश्न पत्र की साल्व कापी दी.

फोटो कापी लेकर जला दिया पेपर
जांच और पूछताछ में टीम को पता चला कि दो घंटे बाद प्रश्न पत्र की छायाप्रति लेकर जला दी गई. अशोक चौधरी ने चोरी से जल रहे प्रश्न पत्रों का वीडियो बना लिया था. मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार पुत्र सुनील चंद्र निवासी ए-1 सुकांतनगर सेक्टर 4 साल्ट लेग सिटी कोलकाता को वाराणसी से गिरफ्तार किया. उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम छापा मारने के लिए लोक सेवा आयोग पहुंची थी.

फिर उसी को मिला छपाई का काम
यूपी एसटीएफ की तरफ से जारी प्रेसनोट के अनुसार पूछताछ में कौशिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने आगामी परीक्षा का प्रश्नपत्र छापने के लिए दिया है. इसी के लिए वह नए अभ्यर्थियों की तलाश में वाराणसी आया हुआ था. यह भी कबूल किया कि उसी के यहां यूपी लोक सेवा आयोग की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 का पेपर भी छपा था. उसने आर्डर से अधिक प्रश्न पत्र छापे थे. एक्स्ट्रा छापे गए प्रश्न पत्रों को सहयोगी रंजीत प्रसाद व गणेश प्रसाद शाह, संजय कुमार के जरिए परीक्षा से एक दिन पूर्व वाराणसी पहुंचाया था.

26 मई को दस लाख रुपए नकद दिये

इसके बदले में प्रति अभ्यर्थी उसे ढाई से पांच लाख रुपए मिलने थे. उसने टीम को बताया कि यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक व सचिव को प्रत्येक परीक्षा के प्रश्न पत्र की छपाई में मिलने वाली धनराशि का पांच प्रतिशत कमीशन देता था. बताया कि उसने 26 मई को दस लाख रुपए नकद दिये थे. अशोक चौधरी के प्रकरण से वह काफी परेशान रहती हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस तुम्हारी कंपनी के खिलाफ मुकदमा लिखवाने वाली है. फिर भी तुम्हें आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र को छापने का काम दे रही हूं.


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.