दिल्‍ली हाईकोर्ट ने ससुराल में महिला की हत्‍या के मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इंडिया में महिलाएं अपने ससुरालों से ज्‍यादा सड़कों पर सुरक्षित हैं. इस मामले में कोर्ट ने हत्‍याआरोपी को निचली अदालत द्वारा मिली उम्रकैद की सजा को ठीक ठहराया है.

आरोपी को उम्रकैद उचित सजा
दिल्ली हाईकोर्ट एक महिला की ससुराल में हुई हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा था. इस मामलें में जज प्रदीप नंदराजोग
एवं मुक्ता गुप्ता की पीठ ने कहा कि भारत में महिलाएं ससुराल से ज्यादा सड़कों पर सुरक्षित रहती हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा हत्याआरोपी को मिली उम्रकैद का समर्थन किया. कोर्ट ने कहा कि हत्याआरोपी घटनास्थल से फरार हो गया था जिससे वह इस मामले में दोषी साबित होता है.
पति पर चलता है मामला
हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि अगर ससुराल में पत्नी की हत्या होती है तो पति की जिम्मेदारी बनती है कि वह पुलिस को बताए कि पत्नी की हत्या कैसे हुई. इसके साथ ही अगर पति अपनी पत्नी की हत्या का कारण नही बता पाता है तो पति को ही आरोपी मानकर कार्रवाही की जा सकती है.
महिला हत्याओं में पति जिम्मेदार
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते टाइम कहा कि अगर भारत के अपराधों पर ध्यान दिया जाए तो पता चलता है कि हर दसवीं हत्या पति या ससुराल वालों द्वारा की जाती है. दिल्ली पुलिस को इस मामले में जानकारी मिली थी कि आरोपी ने नजफगढ़ रोड स्थित घर में हथियार से अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी. हालांकि पति का कहना था कि उसकी पत्नी की हत्या के वक्त वह घर में उपस्थित नही था और उसे फसाया जा रहा है.

Hindi News from India News Desk

 

Posted By: Prabha Punj Mishra