नेपाल की हिंदू समर्थक पार्टी राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी-नेपाल RPP-N ने कहा है कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता. RPP-N ने अन्‍य दलों पर आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों के प्रभाव में वे धर्मनिरपेक्षता की वकालत कर रही हैं. गौरतलब है कि नेपाल को 2008 में हिंदू राष्ट्र से एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया था.

फिर से बनेगा हिंदू राष्ट्र
RPP-N के अध्यक्ष कमल थापा ने शुक्रवार को राजधानी काठमांडू में हुई एक रैली में दावा किया कि नेपाल फिर से हिंदू राष्ट्र बनेगा. इस रैली में करीब 10,000 लोग मौजूद थे. रैली को संबोधित करते हुए थापा ने दावा किया, 'देश को फिर से हिंदू राष्ट्र बनने से कोई भी नहीं रोक सकता है.' थापा ने कहा कि नेपाल के संविधान को देश को हिंदू राष्ट्र की पहचान को सुनिश्चित करना होगा. उनका कहना था कि जब दुनिया में 40 से ज्यादा मुस्लिम और 70 से ज्यादा ईसाई देश हो सकते हैं तो लाखों लोगों का घर होने के बावजूद नेपाल एक हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं हो सकता है. उन्होंने संविधान में गौ-हत्या रोकने के प्रावधान करने की भी मांग की है.
जनता हो रही गुमराह
आपको बताते चलें कि इस रैली का आयोजन नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए निकाली गई 10 दिवसीय राष्ट्रव्यापी रथयात्रा के समापन के बाद किया गया था. वहीं 25 दिसंबर से शुरू हुई इस रथयात्रा ने 1,900 किमी लंबा सफर तय किया. थापा का कहना था कि नेपाल को धर्मनिरपेक्ष बनाने की वकालत करने वाले नेता पश्चिमी देशों से पैसे लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं.

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Posted By: Abhishek Kumar Tiwari