कैसे कर रहे निर्माण बारबार हो रहा नुकसान

2019-01-22T06:00:59Z

- सड़कों के चौड़ीकरण में टूट रही पाइपें

- पीडब्ल्यूडी ने कई जगहों पर तोड़ दिया है पाइप, कई वार्डो में पब्लिक परेशान

GORAKHPUR: सड़क के चौड़ीकरण के काम से पीडब्ल्यूडी ने पब्लिक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जमीन की खोदाई के दौरान जलकल के वाटर सप्लाई के लिए डाली गईं पाइप टूट जा रही हैं। जिसके कारण सप्ताह से 15 दिनों तक पानी सप्लाई बाधित हो रही है। ऐसा किसी एक जगह नहीं बल्कि जहां भी पीडब्ल्यूडी द्वारा काम किया जा रहा है वहां पाइप टूटने के कारण पब्लिक परेशान हो रही है। पानी सप्लाई बाधित होने पर पब्लिक जलकल को शिकायत करती है, और पीडब्ल्यूडी साफ-साफ निकल जाता है। जलकल के पास कर्मचारियों का अभाव है। सप्लाई शुरू करने के लिए वह ठेकेदारों पर निर्भर है। अधिकारियों के अनुसार पाइप टूटने के कारण अभी तक जलकल को एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।

नौसड़ में ही 42 लाख का नुकसान

बाघागाड़ा से नौसड़ तक हाईवे की सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान नौसड़ में आधा दर्जन से अधिक जगहों पर पानी सप्लाई के पाइप टूट गए हैं। जिससे सड़क पर पानी फैल गया है। पानी की सप्लाई नहीं होने से जहां पब्लिक परेशान है, वहीं मेटेनेंस के लिए जलकल कर्मचारियों को भी दौड़ लगानी पड़ रही है। परेशान जलकल ने नौसड़ में हुए 42 लाख रुपए के नुकसान का इस्टीमेट तैयार कर पीडब्ल्यूडी को भेज दिया है। नौसड़ में बिजली पावर हाउस के सामने, जवाहर चक्र के पास, आर्यव्रत हॉस्टल, बनारसी यादव कटरा के पास, गोडि़याना ढाला, काली मंदिर के सामने, रोडवेज स्टेशन के सामने पाइप टूट चुकी है।

एक करोड़ से ज्यादा का है नुकसान

सड़क निर्माण की प्रक्रिया में पाइप टूटने के कारण जलकल का आर्थिक नुकसान एक करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है। नौसड़ के अलावा, मोहद्दीपुर आरकेबीके के पास, खजांची चौराहा, राप्तीनगर, असुरन चौक, पैडलेगंज के कई एरिया में पाइप टूटे हैं। सभी जगह पर हुए नुकसान की भरपाई के लिए जलकल इस्टीमेट तैयार कर रहा है जिसे वह पीडब्ल्यूडी को सौंपकर पेमेंट की मांग करेगा।

बॉक्स

करे कोई, भरता है जलकल

सड़क निर्माण, नाला निर्माण, अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने सहित किसी भी काम में पाइप लाइन को हुए नुकसान का नतीजा जलकल को ही भुगतना पड़ता है। जलकल महाप्रबंधक ने बताया कि पाइप टूटने के बाद पानी सप्लाई बाधित होते ही पब्लिक हम पर दबाव बनाने लगती है। जिस विभाग की गलती से पाइप टूटा होता है वह पूरे मामले से अलग हो जाता है। मेंटेनेंस के कर्मचारी नहीं होने, कर्मचारियों की कमी के कारण जलकल को काफी जूझना पड़ता है।

कोट्स

वार्ड में कई जगहों पर सड़क निर्माण की वजह से वाटर सप्लाई के पाइप टूट गए हैं। पब्लिक को काफी समस्या हो रही है। शिकायत करने पर भी अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई।

कृष्ण मोहन यादव, पार्षद प्रतिनिधि, नौसड़

खजांची चौराहे के पास कई जगहों पर पानी के पाइप टूट चुके हैं। एक जगह बनता है तो दूसरा फिर टूट जाता है। पब्लिक को काफी परेशानी हो रही है।

आलोक सिंह, पार्षद, शक्ति नगर

वज4न

वॉटर सप्लाई बाधित होने पर पब्लिक जलकल के पास आती है चाहे किसी भी विभाग की गलती हो। हमारे पास कर्मचारी सहित संसाधन बेहद सीमित हैं। जलकल को जो नुकसान हुआ है उसका इस्टीमेट तैयार कर पीडब्ल्यूडी को भेज दिया जाएगा।

- प्रमोद कुमार गुप्ता, जलकल महाप्रबंधक


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