कहते हैं कि जो भी बोलो नापतौल कर बोलो. अगर आप मेरी यह बात नहीं मानते तो यह स्टोरी पढ़ लीजिये.


टोरंटो के एक पुलिस आफीसर ने पहले यह कहकर बवाल बढ़ा दिया कि महिलाएं तड़क-भड़कोले कप़डे पहनती हैं और इसी वजह से बलात्कार के लिए पुरुष आमंत्रित होते हैं. फिर वह और बोले वो भी बिना कुछ सोंचे समझे. वह यहां तक कह गये कि अगर महिलाएं  अपनी ड्रेसिंग स्टाइल बदल दें, तो वे इव टीजिंग या रेप के चान्सेज कम कर सकती हैं. बस फिर क्या था, उस बयान के विरोध में टोरंटों की सड़कों पर हजारों लोग उतर पडे. इन लोगों का कहना था कि मुझे कप़डे पहनना मत सिखाओ  बल्कि पुरुषों से कहो कि वे बलात्कार न करें. भीड़ पुलिस हेडक्वार्टर के सामने जमा हो गई और उस पुलिस अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग करने लगी.प्रोटेस्ट करने वालों का कहना था कि उन्होने यह रैली इसलिये निकाली कि लोगों की महिलाओं पर नियम कायदे कसने की सोंच बदले.
तो देख लिया कि अगर गलती से भी कुछ गलत बोल दिया तो कैसे आपकी वाट लग सकती है. इस लिये कहते हैं कि जो भी बोलो नापतौल कर बोलो.

Posted By: Divyanshu Bhard