पैसेंजर्स से पहले छाप ले रहे टिकट

2018-05-06T07:00:39Z

- तत्काल टिकट में दलाल संग रेलवे कर्मचारी जमकर कर रहे हैं खेल

- तत्काल टिकट की बुकिंग शुरू होते ही क्लर्क पहले से अपने पास रखे टिकट कर लेते हैं प्रिंट

VARANASI

रेलवे भले ही तत्काल टिकट के जरिये पैसेंजर्स को सुविधा दे रही है मगर कर्मचारियों और दलाल पैसेंजर्स के तत्काल टिकट को हड़प ले रहे हैं। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सिंधोरा बाजार से पकड़े गए आईआरसीटीसी से अवैध तरीके से टिकट बुक करने वाले रैकेट के मेंबर से पूछताछ में इस खेल का खुलासा हुआ है। कर्मचारियों की मिलीभगत का फायदा दलाल उठा रहे हैं। सोर्सेस के मुताबिक काउंटर पर तैनात कर्मचारी तत्काल की बुकिंग शुरू होते ही पहले अपने पास रखा टिकट प्रिंट कर लेते हैं और फिर पैसेंजर को देते हैं। ऐसा सिलसिला लगभग हर जगह रेलवे काउंटर पर चल रहा है। बुकिंग शुरू होते ही मात्र चार से पांच मिनट में वेटिंग टिकट मिलने लगता है। बहुत मुश्किल से तत्काल कोटे का टिकट मात्र एक से दो लोगों को ही मिल पाता है। बाकि लोगों के हाथ मायूसी ही लगती है।

खेल में लगे हैं धुरंधर

तत्काल टिकट के धंधे में केवल दलालों का ही हाथ नहीं है। बल्कि इसमें रेलवे कर्मचारियों के अलावा आरपीएफ, टीटीई व जीआरपी के जवान भी शामिल हैं। उनका बकायदा दलालों को खुला सपोर्ट है। आरपीएफ, जीआरपी व टीटीई केअपने-अपने आदमी सेट हैं। जो रिजर्वेशन सेंटर के गेट पर लगी लाइन में कस्टमर बनकर खड़े हो जाते हैं। लाइन में कुछ देर बैठने के बाद अचानक कोई बहाना बनाकर गायब हो जाते हैं। रातभर गायब रहने वाले ये लोग तड़के ही लाइन में फिर से लग जाते हैं। और जैसे ही तत्काल टिकट की बुकिंग शुरू होती है ये सबसे आगे पहुंच जाते हैं। अपने आका के बल पर ये लाइन में सबसे आगे खड़े लोगों को पीछे धकेल देते हैं। यही नहीं काउंटर पर तैनात क्लर्क भी इनसे साठगांठ कर पहले कंप्यूटर के न चलने सहित अन्य वजह बताकर कई टिकट प्रिंट कर लेते हैं। बताया जाता है कि आए दिन रिजर्वेशन सेंटर में तत्काल टिकट के टाइम पर मारपीट होती है और ड्यूटी पर तैनात जवान नदारद रहते हैं। इस समय वही जवान दिखते हैं जो सादे वर्दी में होते हैं।

तो इसलिए नहीं मिल रहा टिकट

बनारस से मेट्रो सिटीज को जोड़ने वाले रूट पर इस समय कंफर्म टिकट मिलना बहुत मुश्किल है। इन रूट्स पर जनरल कोटे में महीनों से लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में तत्काल टिकट ही एक मात्र सहारा है। इसका ही फायदा टिकट का अवैध धंधा करने वाले उठा रहे हैं। वे येन-केन टिकट बनवाकर मुंह मांगे रेट पर बेच रहे हैं। जैसा कस्टमर वैसा रेट। नाम न लिखने की शर्त पर खुद टिकट का धंधा करने वाले एक शख्स ने बताया कि मुंबई रूट के कंफर्म टिकट का रेट इस समय 2000 से 2500 रुपए है। जबकि मुम्बई का स्लीपर में किराया 430 रुपए है। इसी तरह का हाल सूरत, सिकंदराबाद, कोलकाता व नई दिल्ली रूट का भी है।

वर्जन---

तत्काल टिकट लेने वालों पर नजर रखी जा रही है। लाइन में लगे लोग यदि डेली पहुंच रहे हैं तो इसकी जांच करायी जाएगी। यही नहीं इसमें लिप्त अन्य लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

आरपी चतुर्वेदी, एडीआरएम

कैंट स्टेशन, नॉर्दन रेलवे

स्पेशल काउंटर भी निशाने पर

सांसद, विधायक, सीनियर सीटिजन, गु्रप व जर्नलिस्ट के लिए बना काउंटर (905) व लेडीज और हैंडीकेप्ड काउंटर भी टिकट का अवैध धंधा करने वालों के निशाने पर है। यहां भीड़ कम होने का दलाल फायदा उठा रहे हैं। यहां तक कि टिकट पाने के लिए फेक आईडी भी यूज कर रहे हैं। सिचुएशन ये है कि काउंटर पर बैठे बुकिंग क्लर्क सहित यहां तैनात ऑफिसर्स किसी की चेकिंग करने तक की जहमत नहीं उठाते। यह हाल तब है जब रिजर्वेशन सेंटर में लगे सीसी कैमरों से सीधे निगरानी हो रही है। इतने के बाद भी खुलेआम खेल हो रहा है, और कई घंटे इंतजार करने वाले देखते रह जा रहे हैं।


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