स्‍कॉटलैंड को युनाइटेड किंगडम से अलग होने के मुद्दे पर हुए जनमत संग्रह में यह पाया गया है कि बहुमत स्‍कॉटलैंड को यूके के साथ रखने के पक्ष में हैं.


जनमत ने कहा नही होना यूके से अलगहाल ही में स्कॉटलैंड के यूनाईटेड किंगडम से अलग होने की मांग छिड़ने लगी थी. इसके बाद इस मुद्दे पर जनमत संग्रह कराने का प्रयास किया गया जिससे स्कॉटलैंड में रहने वाले लोगों की इच्छा को जाना जा सके. इसके बाद स्कॉटलैंड में इस विषय पर आम मतदान करवाया गया. जिसके अनुसार स्कॉटलैंड के नागरिकों में यूके के साथ रहने पर सहमति बनी है. हार नही मानी स्वतंत्रता सेनानियों नेजनमत संग्रह में स्कॉटलैंड के लोगों द्वारा नकारे जाने के बाद भी स्कॉटलैंड के स्वतंत्रता सेनानी निराश हुए हैं. इन नेताओं ने माना है कि इन परिणामों से वे काफी निराश हुए हैं. हालांकि इन नेताओं ने जनमत संग्रह में हुई हार को अपनी हार नही माना है. लेकिन इस जनमत संग्रह के परिणामों ने 307 सालों के संगठन को टूटने से बचा लिया है. कुछ मु्द्दे रहेंगे जिंदा
इस जनमत संग्रह में स्कॉटलैंड के लोगों ने यूके के साथ रहना स्वीकार किया है. लेकिन इस जनमत संग्रह से ब्रिटेन के लिए उन मांगो को दबाना आसान नही होगा जिसमें ज्यादा रीजनल ऑटोनोमी की मांग होती है. गौरतलब है कि यूके दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां शक्ति सत्ता के केंद्र में स्थित होती है. इसलिए समय-समय पर रीजनल ऑटोनोमी की मांग उठती रहती है. इस जनमत संग्रह के नतीजों के आने के बाद यूके के पीएम डेविड कैमरून ने स्कॉटलैंड की आजादी के खिलाफ लोगों को धन्यवाद किया. इसके दूसरी ओर आजादी का समर्थन कर रहे नेताओं ने कहा कि ब्रिटेन सरकार को इन नतीजों को देखते हुए स्कॉटलैंड को अधिक से अधिक ऑटोनोमी देनी चाहिए.

Hindi News from World News Desk

Posted By: Prabha Punj Mishra