आखिर बेघरों के शेल्टर होम का मिल गया रास्ता

2018-10-16T06:00:09Z

-डूडा ने हरुनगला में बनाया था 100 बेड का शेल्टर होम

भवन की बिल्डिंग बनकर तैयार, लेकिन नहीं मिल रहा था रास्ता

BAREILLY :

शहरी बेघरों को आश्रय योजना के तहत बनाए गए शेल्टर होम का प्रशासन ने मशक्कत के बाद रास्ता तलाश लिया है। शेल्टर होम का निर्माण डूडा करा रहा है। निर्माण लगभग पूरा हो चुका हैं, लेकिन शेल्टर होम बनने के बाद पता चला कि शेल्टर होम में पहुंचा कहां से जाएगा, इस बात का जिक्र ही नहीं किया गया, जिसके चलते शेल्टर होम फाइनल ही नहीं हो पा रहा था। जबकि शेल्टर होम को जुलाई माह में भी शुरू होना था।

दो सौ मीटर दूर से िनकला रास्ता

शेल्टर होम जाने के लिए स्कूल से पचास मीटर से भी कम दूरी का रास्ता था। लेकिन स्कूल की तरफ से रास्ता की बात नहीं बनी। अब शेल्टर होम जाने के लिए करीब 200 मीटर दूरी तय करके रास्ता निकाला गया। फिलहाल रास्ता निकालकर नया गेट भी लग गया है, जिससे माना जा रहा है कि अब ठंड में बेघरों को भटकना नहीं पडे़गा।

2015 में शुरू हुआ निर्माण

शासन ने शहरी बेघरों को आश्रय मिल सके इसके लिए हरूनगला में 100 व्यक्तियों की क्षमता वाला शेल्टर होम निर्माण कराने का डूडा डूडा को दिया था, जिसका निर्माण तो पूरा हो चुका है फिनिशिंग वर्क चल रहा है। लेकिन जब शेल्टर होम की बाउंड्री का काम पूरा हुआ, तो शेल्टर होम जाने का रास्ता ही बंद हो गया। क्योंकि शेल्टर होम जाने के लिए एक तरफ निजी प्लॉट, दूसरी तरफ स्कूल और तीसरी तरफ कब्रिस्तान थे। जिसके चलते रास्ता की बात नहीं बन पा रही थी।


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