जिले में सरकारी अधिकारियों के पास कुछ ऐसे पुराने वाहन हैं जिनकी रजिस्ट्रेशन आनलाइन नहीं है. इनमें प्रशासनिक और ट्रैफिक पुलिस की सरकारी गाड़ी भी शामिल है. ऐेसे में संबंधित विभाग की ओर से निजी वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है सरकारी विभागों में खड़े ये वाहन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. जबकि जिम्मेदारी अधिकारियों को मानना है कि सरकारी हो या गैर सरकारी सभी वाहनों पर नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है.


आगरा(ब्यूरो)। प्रशासनिक विभाग की सरकारी गाड़ी का नंबर यूपी 10 एजी-0426 आगरा जिले से संबंधित है। यह गाड़ी नंबर जिला मुख्यालय में खड़ी है, जो विभाग के किसी भी सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन नहीं बोलता है। इसके चलते इस गाड़ी की हाई सिक्योरिटी प्लेट के लिए आवेदन नहीं दिया जा सकता है। इस कारण प्रशासनिक अधिकारी ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग रही है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस दूसरी ऐसी गाडिय़ों के चालान काट रही है, जिन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है।

प्रोसेस के बाद किए जाएंगे अपलोड
आरटीओ प्रवर्तक कपिल देव का कहना है कि उन्होंने गाड़ी की रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन करवाने के लिए कार्यालय में आवेदन करने का प्रोसेस है.विभाग की ओर से प्रोसेस पूरा होने के बाद वाहन रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन कर दिया जाएगा, उसके तुरंत बाद हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाई जाएगी। सरकार की ओर से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का चालान कटने पर व्यक्ति को दो हजार रुपए जुर्माना अदा करना पड़ता है।


नंबर के बिना रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर मुश्किल
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर मुश्किल है। ये इसलिए है कि वाहन चालक अपने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाएं। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के रोजाना चालान किए जा रहे हैं, ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर आनंद ओझा का कहना है कि ऐसे वाहनों के ऑनलाइन चालान किए जा रहे हैं। देहात क्षेत्रों से संबंधित पुलिस विभाग ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने वाले वाहन चालकों के हजारों की संख्या में चालान कार्यालय में जमा करवाए हैं। उनसे दो हजार रुपए के हिसाब से जुर्माना वसूल किया गया है। अगर आपके वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है तो रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर को लेकर विभाग कोई काम नहीं करेगा, जब तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाई जाती है।


क्यों जरुरी है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
प्लेट पर एक लॉक सिस्टम है, यह एक तरह का पिन होता है, जो आपके हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को आपके वाहन से जोड़ता है। इसे संबंधित विभाग ही लगाता है। ये खोलने में बहुत जटिल होता है, किसी रुवरु या नट-बोल्ट की तरह इसे खोला नहीं जा सकता है। यह पिन या रिपिट एक बार आपके वाहन से प्लेट से जुड़ गई तो दोनों तरफ से लॉक हो जाती है और किसी के खोलने पर नहीं खुल सकेगी।


प्लेट पर लगा होलोग्राम नहीं होता खराब
गाडिय़ों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को लगवाना अब हर वाहन स्वामी के लिए अनिवार्य है। यह एक नए तरह की नंबर प्लेट है जो आपकी सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर रखकर तैयार की गई है। एल्युमीनियम धातु से निर्मित ये प्लेट होती है और इस पर एक होलोग्राम होता है। होलोग्राम एक प्रकार का स्टीकर होता है। जिसके अंदर वाहन की पूरी जानकारी होती है, मसलन इंजन नंबर और चेसिस नंबर। प्लेट पर लगा होलोग्राम लंबे समय तक चलता है और खराब नहीं होता है।

सात अंकों का यूनिक लेजर कोड
प्लेट की खासियत होती है इसका सात अंकों का यूनिक लेजर कोड, ये हर वाहन के नंबर प्लेट पर अलग-अलग होता है। नंबर प्लेट पर आपका रजिस्ट्रेशन नंबर भी होता है, जिसे आसानी से हटाया या मिटाया नहीं जा सकेगा। ये नंबर प्रेशर मशीन से लिखा होता है जिससे इसे रंगा और मिटाया नहीं जा सकता है। प्लेट पर इसे उभरा हुआ देखा जा सकता है। ये पूरा काम संभागीय परिवहन विभाग कर रहा है। जो अंक और अक्षर उभरेगा उस पर भी नीले रंग का आईएनडी दिखाई देगा।


हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सरकारी, गैर सरकारी वाहनों में लगाना अनिवार्य है। इस संबंध में नंबर के लिए सीरीज जारी की गई है, जिसके अनुसार कार्य प्रोसेस के तहत किया जाता है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई भी कराई जाती है।
कपिल देव, आरटीओ प्रवर्तन


आगरा में चल रहे कुछ वाहन
-यूपी-80, एजी 0426
-यूपी-80, एजी 0618
-यूपी-80, एजी 1143
-यूपी-80, एजी 0647

Posted By: Inextlive