कुलपति बोले, छात्र मेरी संतान, नहीं करे कोई परेशान

Updated Date: Mon, 17 Apr 2017 07:40 AM (IST)

परीक्षा तक हॉस्टलों में रह रहे सभी छात्रों नहीं निकालने का दिया आश्वासन

वॉशआउट की सूचना को बताया भ्रामक, परीक्षा बाद कराएंगे खाली

ALLAHABAD: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हॉस्टल्स को पूरी तरह से खाली कराए जाने के विरोध में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच आखिरकार कुलपति प्रो। आरएल हांगलू ने अपनी चुप्पी तोड़ दी। जनसंपर्क अधिकारी प्रो। हर्ष कुमार की ओर से जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि विवि की वार्षिक परीक्षाओं तक हॉस्टल्स में रेड नहीं डाली जायेगी। परीक्षाओं के समाप्त होते ही अवैध छात्रों को हॉस्टल्स से बाहर किया जाएगा। कुलपति ने साफ कहा है कि हास्टल्स वॉशआउट किये जाने की कोई योजना विवि प्रशासन की नहीं है।

छुट्टी के दिन जारी की अपील

हॉस्टल को पूरी तरह से खाली कराने के मुद्दे की पूरी जानकारी चीफ प्रॉक्टर प्रो। राम सेवक दुबे ने रविवार को कुलपति प्रो। आरएल हांगलू को दी। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर 17 अप्रैल को हाईकोर्ट में विवि प्रशासन को अपना जवाब देना है। इसलिए छुट्टी के दिन भी जनसंपर्क अधिकारी की ओर कुलपति की अपील जारी कर विवि प्रशासन के रुख को स्पष्ट किया गया है। कुलपति प्रो। हांगलू इस बात से हैरान हैं कि हॉस्टल्स को वॉशआउट कराने का भ्रम किसने फैलाया। उन्होंने कहा है कि सभी छात्र उनकी संतान हैं और वे उनकी भावनाओं के मद्देनजर उनका पक्ष माननीय उच्च न्यायालय में रखेंगे।

कोर्ट को करना पड़ रहा हस्तक्षेप

उधर, हिन्दू छात्रावास के राजा बलरामपुर हाउस में छात्रों की बैठक अमरेंदू सिंह की अध्यक्षता में हुई। छात्रों ने आरोप लगाया कि वह न्यायालय को गुमराह कर रहा है। छात्रों ने अफसोस प्रकट किया कि विवि प्रशासन अपना कार्य सही प्रकार से नहीं कर पा रहा। यही कारण है कि हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। छात्रों ने कहा कि बीते एक वर्ष से विवि की स्थिति बिगड़ती जा रही है। विवि आपराधिक प्रवृत्ति के छात्रों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रहा है। यही लोग अशांति, गुटबाजी तथा माहौल खराब करते हैं। उनको विवि में पदासीन लोग ही अपना हित साधने के लिए प्रश्रय देते हैं।

जर्जर हो गया है भवन

छात्रों ने कहा कि यदि सत्र के शुरू में वैध छात्रों को छात्रावास में कमरा मिल गया होता तो आज इतनी विकट स्थिति छात्रों तथा प्रशासन के सामने उत्पन्न नहीं होती। छात्रों ने कहा कि हिन्दू छात्रावास के ऊपर करोड़ों रूपये से ज्यादा विद्युत बिल का बकाया हो गया है। छात्रावास के मेस और सर्वेन्ट का भवन पूर्णतया गिर गया है। शौचालय के दरवाजे तथा टोलियां टूटी हैं। छात्र खुले में स्नान करने को मजबूर हैं। छात्रावास में रख रखाव सफाई व पुताई के अभाव में सौ साल से ज्यादा पुराना भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में है। मरम्मत के अभाव में छात्रावास के भवन की आयु घटती जा रही है।

छात्र पी रहे बालू वाला पानी

विवि अपने छात्रों को हिन्दू छात्रावास में रखवा देता है। परन्तु सुविधा के नाम पर सौतेला व्यवहार करता है। छात्रावास में वाटर कूलर खराब पड़े हैं। बोरिंग के जरिये आने वाले पानी में बालू आ रहा है। छात्रों ने कहा है कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के सहयोग से स्थापित हास्टल की दुर्दशा को लेकर जल्द ही हास्टल के छात्र कुलपति से फेस टू फेस मुलाकात करेंगे और हर हाल में सुधार करवाकर रहेंगे। बैठक में सत्येंद्र सिंह, सुशील भागवत, सुनील सिंह, धनंजय सिंह, शैलेश पाल, अनुभव उपाध्याय, शशिकान्त यादव आदि शामिल थे।

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आरोप को बताया हास्यास्पद

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रोहित कुमार मिश्रा ने प्रवेश संबंधी किए गए खुलासे पर विश्वविद्यालय प्रशासन के आरोप को हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन का यह कहना कि मैं संबंधित कागजात उन्हें उपलब्ध करवाऊ वह अत्यंत हास्यास्पद है। यह बात नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के पूर्णतया विरुद्ध है कि मैं उन्हें ही सारे कागजात सौंप कर उन्हें, उन्हीं के मामले में न्यायकर्ता बना दूं। इसलिए विवि प्रशासन को अनावश्यक की आतुरता से बचते हुए भविष्य में एमएचआरडी, पीएमओ या राज्यपाल के द्वारा गठित होने वाली जांच समिति के समक्ष अपनी निष्पक्षता साबित करनी चाहिए।

Posted By: Inextlive
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