कोरोना से जंग में चेस्ट एक्सरे बना कारगर 'हथियार'

Updated Date: Sun, 09 Aug 2020 01:36 PM (IST)

- इमरजेंसी में कोविड सस्पेक्टेड पेशेंट्स की स्क्रीनिंग में टेस्ट के इतर कारगर बना जरिया बना चेस्ट एक्सरे

- प्राइवेट के साथ कई सरकारी हॉस्पिटल भी दे रहे इसे तवज्जो, पेशेंट आते ही सबसे पहले होता है चेस्ट एक्सरे

KANPUR : कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए आरटीपीसीआर जांच, सीबीनॉट और ट्रू नॉट मशीन से जांच के अलावा अब एंटीजेन कार्ड टेस्ट कारगर माना जाता है। कोरोना वायरस का सांस और फेफड़ों पर सबसे ज्यादा पड़ता है ऐसे में डॉक्टर्स एक और चीज की मदद इंफेक्शन का पता लगाने के लिए लेते हैं। दरअसल सीने में किसी तरह का इंफेक्शन पता लगाने में पहले भी डॉक्टर्स चेस्ट एक्सरे की ही मदद लेते थे। वहीं अब कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने में भी यह मददगार है। खासकर इमरजेंसी कंडीशन में डॉक्टर्स कोरोना जांच से पहले अब पेशेंट का चेस्ट एक्सरे करा कर स्क्रीनिंग कर लेते हैं। सरकारी के साथ कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी चेस्ट एक्सरे की मशीन को अस्पताल के इंट्री प्वाइंट पर ही इंस्टाल कर दिया गया है।

इमरजेंसी स्क्रीिनंग में मदद

एलएलआर हॉस्पिटल में नॉन कोविड के प्रभारी डॉ। मनीष सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में एक्सरे मशीन 24 घंटे काम कर रही है। जो भी पेशेंट इमरजेंसी आता है उसका पहले चेस्ट एक्सरे करा कर यह चेक कर लिया जाता है कि सीने में किसी तरह का इंफेक्शन तो नहीं है। इसके साथ ही उस पेशेंट की कोरोना जांच के लिए भी सैंपल भेज दिया जाता है। वहीं कार्डियोलॉजी में भी इस प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है। जिससे सस्पेक्टेड कोविड पेशेंट की स्क्रीनिंग में मदद मिले।

कोविड से लड़ाई में अहम हथियार

दरअसल कोरोना जांच के साथ पेशेंट का चेस्ट एक्सरे पेशेंट में इंस्फेक्शन की स्थिति की जानकारी दे देता है। महाराष्ष्ट्र और दिल्ली दोनों ही जगहों पर कोविड जांच के साथ चेस्ट एक्सरे का भी यूज किया गया। मुंबई में तो धारावी स्लम में जब कोरोना फैला तब वहां की हेल्थ टीमों को पोर्टेबल एक्सरे मशीनों के साथ स्लम में स्क्रीनिंग के लिए भेजा गया था। इसकी मदद से बड़ी संख्या में कोविड पेशेंट्स की स्क्रीनिंग की गई। सिटी के कई बड़े हॉस्पिटलों में भी चेस्ट एक्सरे को फौरी तौर पर इमरजेंसी स्क्रीनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

''कोरोना वायरल का असर पेशेंट के लंग्स पर ही सबसे ज्यादा पड़ता है। ऐसे में पेशेंट के चेस्ट एक्सरे से वायरस की स्क्रीनिंग में मदद मिलती है। साथ ही यह भी पता चल जाता है कि इंस्फेक्शन की क्या स्थिति है। कोविड पेशेंट्स के ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में भी पेशेंट का चेस्ट एक्सरे कराना जरूरी बताया गया है.''

- प्रो। प्रेम सिंह, पीजी इंस्टीटयूट आफ मेडिसिन, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

Posted By: Inextlive
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