द्यह्वष्द्मठ्ठश्र2@द्बठ्ठद्ग3ह्ल.ष्श्र.द्बठ्ठ रुष्टयहृह्रङ्ख राजधानी में मौजूद इमारतों में बर्बादी के बजाए अब एनर्जी सेविंग होती नजर आएगी. इस दिशा में कदम उठाया गया है जिला प्रशास

- जिला प्रशासन की ओर से एनर्जी सेविंग के लिए अपील जारी

- यूपीनेडा के माध्यम से ली जा सकती है ट्रेनिंग

द्यह्वष्द्मठ्ठश्र2@द्बठ्ठद्ग3ह्ल.ष्श्र.द्बठ्ठ

रुष्टयहृह्रङ्ख राजधानी में मौजूद इमारतों में बर्बादी के बजाए अब एनर्जी सेविंग होती नजर आएगी। इस दिशा में कदम उठाया गया है जिला प्रशासन की ओर से। जिला प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि सभी इमारतों में एनर्जी सेविंग के कदम उठाए जाएं। इसके लिए यूपीनेडा की भी मदद ली जा सकती है।

एलडीए में प्रयास शुरू

हाल में ही एलडीए और यूपीनेडा के बीच एमओयू साइन हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य एलडीए की ओर से नई बिल्डिंग में ऊर्जा संरक्षण के कदम उठाया जाना था। यह प्रयास डीएम/वीसी की ओर से किया गया था। अब इसी कदम को राजधानी की अन्य बिल्डिंग में भी उठाने की तैयारी की जा रही है।

सभी बिल्डिंग में जरूरी

व्यवसायिक भवनों में एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड यूपी सरकार द्वारा वर्ष 2018 से लागू किया गया है। इसके अनुसार इस प्रकार के सभी बिल्डिंगों में ईसीबीसी ना‌र्म्स का पालन किया जाना अनिवार्य है। आवासीय भवनों हेतु ईसीबीसी को लागू किया जाना अनिवार्य नहीं है।

ले सकते ट्रेनिंग

बिल्डिंग्स में एनर्जी सेविंग किस तरह से की जाए, इसकी ट्रेनिंग यूपीनेडा से ली जा सकती है। जब एमओयू साइन हुआ था, तो उस दौरान यूपीनेडा के निदेशक ने हर कदम पर सहयोग का आश्वासन दिया था।

वर्जन

एनर्जी सेविंग बहुत जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए ही कई कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे यही अपील है कि एनर्जी सेविंग में सहयोग करें।

अभिषेक प्रकाश, डीएम

Posted By: Inextlive