व्हॉटस्एप पर लड़की के जाल में फंसे बैंक मैनेजर

2014-10-02T07:01:15Z

मौज मस्ती के नाम पर मैनेजर ने जमकर रुपये किए खर्च, ब्लैकमेलिंग से आए डिप्रेशन में

मामला पहुंचा पुलिस के पास तो खुली परतें, लड़की और उसके दोनों साथी हत्थे चढ़े

BAREILLY: हिंदी की मसाला मूवीज में अक्सर आपने देखा होगा कि किसी रईस आदमी को कोई लड़की पहले अपने प्यार के मोहपाश में फंसाती है। इसके बाद सेक्स और फिर ब्लैकमेलिंग कर रुपये ऐंठना। कमाई की कुछ ऐसी ही स्क्रिप्ट रियल लाइफ में बरेली की एक लड़की और उसके दो दोस्तों ने लिखी। इनके झांसे में फंसा एक बैंक मैनेजर लाखों रुपये गंवाने के बाद डिप्रेशन में आ गया। आईए आपको बताते हैं, बरेली की लव, मस्ती, ब्लैकमेलिंग और व्हॉट्सएप की कहानी।

हैलो का आया था मैसेज

50 वर्षीय राम मोहन शर्मा (परिवर्तित नामम) महानगर कॉलोनी में रहते हैं। वह सिटी के स्टेट बैंक की एक ब्रांच में मैनेजर हैं। उनके परिवार में पत्‍‌नी और दो बेटे हैं। करीब एक महीने पहले उनके व्हॉट्सएप पर 8395055829 नंबर से हैलो का मैसेज आया। जिस नंबर से मैसेज आया उसके प्रोफाइल में एक लड़की की फोटो लगी थी। प्रोफाइल में रीना-रानी लिखा हुआ था और लड़की ने अपना नाम आरती (परिवर्तित नामम) बताया। उसने खुद को बिजनौर की रहने वाला बताया। लड़की की फोटो देखकर मैनेजर उसकी खूबसूरती पर फिदा हो गया और उससे बातचीत शुरू कर दी।

जमकर करायी शापिंग

पुलिस के अनुसार बातचीत का सिलसिला काफी आगे बढ़ गया और दोनों ने मिलने का फैसला किया। क्8 सितंबर को आरती अपने साथी बजरंग के साथ मैनेजर से मिलने के लिए पहुंच गई। सबसे पहले मैनेजर लड़की से अपने महानगर स्थित दूसरे मकान में मिले। यहां करीब-आधा पौना घंटा रुके। लड़की ने मैनेजर से एमबीए की स्टूडेंट बताकर फीस जमा करने के नाम पर ख्भ् हजार रुपये ले लिए। दोबारा तीन दिन बाद लड़की अपने साथी बजरंग के साथ मैनेजर से मिलने आई। सभी फिनिक्स माल में घूमने गए और जमकर शापिंग की। उसके बाद मैनेजर साहब लड़की के साथ इंटीमेट भी हुए। इस बार लड़की स्कूटी खरीदने के नाम पर मैनेजर से 70 हजार रुपये लेकर गई। मैनेजर ने दो बार की मुलाकात में ही करीब 9भ् हजार रुपये लड़की और उसके साथियों पर खर्च कर दिए।

मॉल में घूमने की खींची पिक्चर

जब लड़की और उसके साथियों बजरंग और विकास जैन को लगा कि अब मैनेजर उनके जाल में फंस चुका है। तो ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू कर दिया। दोनों ने मैनेजर की लड़की के साथ मॉल में घूमने वाली फोटो भी खींच ली थी। ख्7 सितंबर को बजरंग और विकास ने मैनेजर से कहा कि लड़की ने परेशान होकर जहर खा लिया है। वह गाजियाबाद के कोलंबिया हॉस्पिटल में एडमिट है। उसके इलाज के लिए ब् लाख रुपये देने होंगे। अगर रुपये नहीं दिए तो वह उसे रेप के मामले में फंसा देंगे।

डिप्रेशन में आने पर चला पता

रेप की एफआईआर दर्ज होने की बात पर मैनेजर डिप्रेशन में आ गया। जब परिवार वालों ने परेशान होने की वजह पूछी तो उन्होंने पूरी सच्चाई बता दी। ख्8 सितंबर को मैनेजर अपनी फैमिली के साथ मामले की शिकायत करने एसपी सिटी के पास पहुंचे। एसपी सिटी ने सीओ फ‌र्स्ट असित श्रीवास्तव, कोतवाल अनिल समानिया और चौकी इंचार्ज अमित कुमार, लेडी एसआई शारदा चौधरी की टीम बनाई। टीम ने मैनेजर को लड़कों से डील करने के लिए कहा। मामला दो लाख रुपये में तय हुआ। मैनेजर ने टयूजडे शाम को एक लड़के को रुपये लेने के लिए रोडवेज के पास बुलाया गया और बजरंग को पकड़ लिया। उसके बाद पुलिस बजरंग को लेकर मुरादाबाद गई और रात में लड़की और विकास जैन को भी उसकी स्विफ्ट कार और भ्0 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया।

हॉस्पिटल में चलती हैं एंबुलेंस

बजरंग, मूल रूप से जयपुर डिस्ट्रिक्ट धौलचा, कालाकेठा का रहने वाला है। वह एमए का स्टूडेंट है.वह पालम एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी गॉर्ड की जॉब भी कर चुका है। कुछ महीने से वह मुरादाबाद के हिमगिरी निवासी विकास जैन के घर रह रहा था। विकास जैन के पिता किराना स्टोर चलाते हैं। विकास की एंबुलेंस किसी हॉस्पिटल में किराये पर चलती हैं। विकास ने कुछ दिन पहले ही साढ़े तीन लाख रुपये जमा कर फाइनेंस पर स्विफ्ट कार ली थी। इस कार का वो ब्लैकमेलिंग में भी यूज कर रहे थे।

ऐसे फंसाया जाल में

इस खेल का असली मास्टर माइंड विकास जैन है। उसके घर में आरती ब् हजार रुपये पर साफ-सफाई का काम करती है। आरती सिर्फ म्वीं पास है। उसने अपने खेल में बजरंग को भी शामिल किया। उसने फेसबुक के जरिए मैनेजर का नंबर निकाला और आरती की अच्छी पिक लगाकर व्हाटसएप पर प्रोफाइल बनाया। इसी प्रोफाइल से उसने मैनेजर को हैलो का मैसेज भेजा। लड़की की फोटो देखकर ही मैनेजर जाल में फंस गए। विकास की मानें तो मैनेजर काफी रंगीन मिजाजी हैं। उनकी फेसबुक में ज्यादातर लड़कियां ही फ्रेंड हैं।

ऐसे चलता है खेल

सोशल नेटवर्किंग साइट पर ब्लैकमेलिंग के केस पहले भी सामने आए हैं लेकिन वह सभी फेसबुक पर ही थे। साइबर क्रिमिनल सोशल साइट के जरिए कई तरह से लोगों को फंसाते हैं। इसके जरिए वह सबसे पहले लोगों के प्रोफाइल चेक करते हैं। प्रोफाइल देखकर ही वो समझ जाते हैं कि कौन उनके जाल में आसानी से फंस सकता है।

प्राइवेसी का रखें ध्यान

सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपनी प्राइवेसी का जरूर ध्यान रखें। इसके लिए सोशल साइट पर प्राइवेसी आप्शन का यूज करना चाहिए। इन पर कभी भी अपना कांटेक्ट नंबर नहीं देना चाहिए। अपने पर्सन फोटो या वीडियो भी शेयर नहीं करें। अपने से जुड़ी क्लोज जानकारी भी ना शेयर करें। सिर्फ जानने वालों से ही संपर्क कर उन्हें अपना फ्रेंड बनाएं। अपनी सेटिंग को सिर्फ फ्रेंड पर ही रखें ना कि पब्लिक और फ्रेंडस आफ फ्रेंड पर रखें।

व्हॉटसएप पर दोस्ती कर ब्लैकमेलिंग करने का मामला सामने आया। लड़की ने अपने दो साथियों के साथ एसबीआई के मैनेजर को जाल में फंसाया था। मैनेजर की शिकायत पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राजीव मल्होत्रा, एसपी सिटी बरेली


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