-अचानक हुए इंस्पेक्शन से घबराए अधिकारी

- बीमारी से बचाव व इलाज स्थिति का लिया जायजा

GORAKHPUR: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से हो रही मौतों का क्रम लगातार जारी है। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने मेडिकल कॉलेज के सौ बेड वाले इंसेफेलाइटिस वार्ड का इंस्पेक्शन किया। गुरुवार सुबह करीब 10.30 बजे नई दिल्ली स्थित एम्स के न्यूरोलॉजी हेड डॉ। विनय गोयल, रवि सिंह सहित छह लोगों की टीम वार्ड में पहुंची। यहां इंसेफेलाइटिस से बचाव, नियंत्रण और इलाज की स्थिति का जायजा लिया गया। अचानक हुए इस इंस्पेक्शन से मेडिकल कॉलेज अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए।

आयोग ने मांगा बीएचटी

इंस्पेक्शन के बाद आयोग की टीम सीधे प्रिंसिपल के कमरे में पहुंची। यहां पर उन्होंने इलाज संबंधित रिकॉर्ड और भर्ती मरीजों के बेड हेड टिकट का रिकॉर्ड मांगे। लेकिन उन्हें कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि अभी तत्काल में नई जिम्मेदारी मिली है। इलाज के सभी रिकॉर्ड देने में टीम का सहयोग किया जाएगा। आयोग ने अस्पताल प्रशासन से इंसेफेलाइटिस मरीजों के 2002 से अब तक के रिकॉर्ड मांगे थे जो उनके पास नहीं थे।

टीम ने जताई नाराजगी

अधिकारियों से पहले से ही दस्तावेज सहेजने को कहा गया था, लेकिन इसके बावजूद भी काम पूरा नहीं हो सका। इस पर आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई। इसके अलावा टीम ने बीते पांच साल में भर्ती हुए इंसेफेलाइटिस मरीजों के रिकॉर्ड में एईएस व जेई के मरीजों की संख्या और आईसीयू में रखे गए वेंटिलेटर्स का भी रिकॉर्ड मांगा। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आयोग को कुछ जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध कराए हैं।

दवा उपलब्धता की ली जानकारी

इस समय मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में तीन चौथाई मरीजों का उपचार चल रहा है। आयोग के आने की सूचना मिलते ही प्रशासन की तरफ से आनन-फानन में तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। इंस्पेक्शन के साथ ही टीम ने अधिकारियों से सफाई, विभाग में बेड, उपकरणों, मानव संसाधन और दवाओं पर मिलने वाले बजट पर भी चर्चा की। वार्ड में भर्ती मरीजों से भी इंतजामों के बारे में जानकारी ली गई।

बेहद सख्त रहा आयोग

इंस्पेक्शन के दौरान आयोग की टीम का रुख बेहद सख्त रहा। टीम की तरफ से लगातार पूछे गए सवालों से घबराए अधिकारी किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे पाए। व्यवस्था में कई जगहों पर मिली खामियों पर टीम ने कड़ी आपत्ति जताई। मानवाधिकार आयोग की टीम शुक्रवार को दोबारा मेडिकल कॉलेज का इंस्पेक्शन करेगी। इस बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन बचे हुए रिकॉर्डो को जुटाने और सहेजने में लगा है।