लखनऊ (ब्यूरो)। केजीएमयू में बिना चुनाव आम सभा में शिक्षक संघ की पुरानी कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को निर्विरोध दोबारा चुना गया है। करीब 20 साल के इतिहास में पहली बार सभी शिक्षकों ने एक स्वर में मुहर लगाई। नई कार्य समिति अगले दो साल के लिए काम करेगी। यह जानकारी केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ। केके सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

ये शिक्षक निर्विरोध चुने गए

केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ। केके सिंह, महामंत्री डॉ। संतोष कुमार, उपाध्यक्ष डॉ। जेडी रावत, डॉ। मनोज कुमार और डॉ। पवित्र रस्तोगी, संयुक्त सचिव डॉ। वाणी गुप्ता, डॉ। शिउली, डॉ। शैलेंद्र सिंह और डॉ। पंकज सिंह को तथा संयुक्त सचिव डेंटल पद पर डॉ। कामेश्वर सिंह अपने पद पर बने रहेंगे। कोषाध्यक्ष के पद पर डॉ। भास्कर अग्रवाल तथा संयुक्त कोषाध्यक्ष मेडिकल के पद पर डॉ। संगीता कुमारी तथा संयुक्त कोषाध्यक्ष डेंटल के पद पर डॉ। अरुणेश कुमार तिवारी काम करेंगे। एडिटर पद पर डॉ। अजय कुमार वर्मा, सचिव सांस्कृतिक डॉ। अजय कुमार पटवा और सेक्रेटरी-सोशल आउटरीच डॉ। शीतल वर्मा को एक बार फिर मौका दिया गया है।

टीचर्स के मुद्दों पर करेंगे काम

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ। केके सिंह ने कहा कि संघ, शिक्षक व केजीएमयू के हितों को ध्यान में कर करेगा। शिक्षकों की हर जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने में संघ पीछे नहीं हटेगा। इस समय केजीएमयू शिक्षकों को रिटायरमेंट के बाद ग्रेचुएटी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि पहले शिक्षकों का रिटायरमेंट 60 साल पर होता था। जिसे बढ़ाकर 62 फिर 65 वर्ष कर दिया गया है। नतीजतन ग्रेचुएटी का लाभ शिक्षकों को नहीं मिल पा रहा है। जबकि, एम्स, पीजीआई समेत कई संस्थानों के शिक्षकों को यह लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसलिए इसे यहां भी लागू करवाने की दिशा में काम किया जायेगा, ताकि शिक्षकों को इसको लाभ मिल सके।

कार्यपरिषद पर टीचर्स एसोसिएशन ने उठाये सवाल

केजीएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने केजीएमयू कार्यपरिषद की वैधानिकता पर ही सवाल उठा दिया है। एसोसिएशन के मुताबिक, कार्यपरिषद में नियमानुसार सदस्यों की पूरी संख्या ही नहीं है, जबकि महत्वपूर्ण निर्णयों पर फैसला लिया जा रहा है। ऐसे में पदाधिकारी अधूरी कार्यपरिषद द्वारा लिए जा रहे फैसलों को अनुचित बता रहे हैं। टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ। केके सिंह, महामंत्री डॉ। संतोष कुमार और कोषाध्यक्ष डॉ। भास्कर अग्रवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कार्य परिषद में कई साल से निर्वाचित सदस्य नहीं हैं। ऐसे में संघ के कम से कम दो सदस्यों को कार्य परिषद की बैठक में बुलाया जाए। डॉ। केके सिंह के मुताबिक, केजीएमयू अधिनियम के अनुसार कार्य परिषद में 22 सदस्य होने चाहिए। इसमें कोर्ट से निर्वाचित चार पंजीकृत स्नातक भी शामिल हैं, जबकि बीते पांच साल से कार्य परिषद में निर्वाचित सदस्य नहीं हैं। मौजूदा समय में बामुश्किल 11 सदस्यों को ही कार्य परिषद की सूचना भेजी जाती है। इसमें महज सात-आठ सदस्य ही उपस्थित रहते हैं। आरोप हैं कि ज्यादातर सदस्य विवि के पदाधिकारी होते हैं। ऐसे में कार्य परिषद कुलपति के हिसाब से ही निर्णय करती है। इसलिए संगठन के दो सदस्यों को विशेष सदस्य के रूप में कार्य परिषद में बुलाया जाए।

टीचर्स के बनेगा विशेष कोष

महामंत्री डॉ। संतोष कुमार ने बताया कि हाल में दिवंगत हुईं डेंटल विंग की डॉ। दिव्या मेहरोत्रा के लिए सभी शिक्षक अपनी एक-एक दिन का सैलरी तनख्वाह देंगे। इस तरह की दुखद घटनाओं में शिक्षकों की मदद के लिए एसोसिएशन अब कॉपर्स फंड की स्थापना करेगा, ताकि दिवंगत डॉक्टर के परिजनों की आर्थिक तौर पर मदद की जा सके। इसके लिए सभी शिक्षक एक दिन की सैलरी इस फंड के लिए दान करेंगे। यह क्रम करीब पांच वर्ष के लिए चलेगा। यह काम टीचर्स स्वेच्छा से करेंगे। जिससे परिजनों की मदद आसानी से की जा सकेगी।