अब डाक घर में नहीं होगा पहले हम का झमेला

2018-07-25T06:00:39Z

-डाक विभाग में अब प्राइवेट बैंकों की तर्ज पर लागू होने जा रहा है क्यूआर सिस्टम

-कार्य कराने के लिए कस्टमर्स की अब नहीं लगेगी लाइन, टोकन से होगा समस्या का समाधान

ढ्डह्वह्यद्बठ्ठद्गह्यह्य

अगर आप स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री या फिर मनीऑर्डर के अलावा बैंकिंग संबंधी कार्य के लिए डाक विभाग में लंबी लाइन में लगकर थक जाते है तो अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि डाकघरों में अब प्राइवेट बैंकों की तर्ज पर क्यूआर सिस्टम लागू होने जा रहा है। खासतौर से कैंट व विशेश्वरगंज स्थित प्रधान डाकघर में। यहां अब आपको न तो लाइन में लगना होगा और न ही पहले हम की परेशानी उठानी पड़ेगी। नई व्यवस्था के तहत बैंकों की तर्ज पर प्रधान डाकघर में डिजिटल क्लॉक में आपका टोकन शो होने के बाद आप डाकघर से संबंधित कार्य आसानी से करा सकेंगे।

क्या करना होगा?

इसके लिए कस्टमर को डाकघर में संबंधित काम कराने से पहले क्यू आर सिस्टम के तहत डाकघर के मेन गेट पर एंट्री करानी होगी। जहां डाकघर का इम्प्लॉई आपका नाम, पता व संबंधित कार्य की डिटेल एक रजिस्टर पर दर्ज करेगा। मेन गेट पर एंट्री के बगैर किसी भी कस्टमर को डाकघर परिसर में आने की अनुमति नहीं मिलेगी। यदि वो ऐसा करता भी है तो उस कस्टमर को डाकघर के किसी भी सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा।

बैठने का होगा अरेंजमेंट

क्यू आर सिस्टम के तहत डाकघर में कस्टमर को बैठने की भी अलग से व्यवस्था कराई जाएगी। मेन गेट पर एंट्री कराने के बाद पहले वृद्ध जनों को बैठाने का इंतजाम किया जाएगा। इसके अलावा डाकघर में बने वेटिंग रूम में चेयर उपलब्ध रहेगी जहां पर एंट्री करने वाले अन्य लोगों को बैठाया जाएगा। ताकि जब तक उनका नम्बर ना आए वह आराम से रूम में रह सकें।

डिजिटल क्लॉक से आयेगा नम्बर

मेन गेट पर इंट्री कराने के बाद वेटिंग रूम में बैठे कस्टमर का नंबर डिजिटल क्लॉक में शो करेगा। जिसके बाद वह डाकघर के कर्मचारी के पास पहुंचेगा।

एक नजर

- डाक विभाग ने पहले चरण में रोजाना चार सौ कस्टमर्स को टोकन उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।

- गेट पर एंट्री कराने के बाद कस्टमर को दिया जाएगा टोकन, जिसमें नम्बर अंकित रहेगा।

-डाकघर के सभी काउंटर पर डिजिटल क्लॉक के जरिए कस्टमर को दिया गया टोकन नम्बर करेगा शो।

-इसके जरिए कस्टमर अपना कार्य पूरा करा सकेगा।

डाकघरों में आने वाले कस्टमर्स की समस्याओं को दूर करने के लिए इस तरह की व्यवस्था बनाई जा रही है। इससे कस्टमर्स के साथ ही डाक कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। इसको लेकर मुख्यालय में प्रपोजल भेजा जा चुका है। जल्द यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

डॉ। गौरव सैनी, वरिष्ठ डाक अधीक्षक


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